रायपुर, 28 जुलाई 2026। Gram Panchayat Development को विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाना होगा। उन्होंने यह बात नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी (SIRD) परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन की असली पहचान यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक ग्रामीण विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने।
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Gram Panchayat Development: पंचायतों को बनाना होगा आत्मनिर्भर गांवों का केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायतें जनभागीदारी का सबसे प्रभावी मंच हैं। यदि पंचायतें मजबूत होंगी तो गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तेजी से साकार होगा।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल तैयार किए जा सकें।
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विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जुलाई से लागू “विकसित भारत जी राम जी योजना” ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना विकसित की जाए। जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण सड़कें, सामुदायिक परिसंपत्तियां और आजीविका गतिविधियां इस योजना की प्राथमिकता हों।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Gram Panchayat Development: जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन और प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास की असली आधारशिला है।
उन्होंने प्रत्येक जिले को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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10.40 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब करोड़पति दीदी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, स्वरोजगार, कौशल विकास और स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।
जिला पंचायत अधिकारियों को पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें नई औद्योगिक नीति और आजीविका योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना मुश्किल था, वहां अब सड़क, बिजली, पेयजल, राशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
पीएम आवास, सामाजिक सुरक्षा और सूर्यघर योजना पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं का भुगतान समयबद्ध होना चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर ग्रामीण परिवारों और किसानों को सौर ऊर्जा तथा सौर पंप योजनाओं से जोड़ने पर भी बल दिया गया।
हिवड़े बाजार मॉडल से सीखने की सलाह
मुख्यमंत्री ने पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी, जल संरक्षण और ईमानदार नेतृत्व के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में जल संकट, बेरोजगारी और पलायन से जूझ रहा हिवड़े बाजार आज देश का आदर्श ग्राम बन चुका है। गांव में पलायन लगभग समाप्त हो गया है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग 5,000 लीटर दूध का संग्रह होता है और प्रति व्यक्ति आय लगभग 9 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान और ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत के शिक्षा आधारित सामाजिक परिवर्तन मॉडल से भी प्रेरणा लेने की सलाह दी।
Gram Panchayat Development पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश स्पष्ट है कि विकसित छत्तीसगढ़ का मार्ग मजबूत ग्राम पंचायतों, जनभागीदारी और पारदर्शी सुशासन से होकर गुजरता है। यदि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना पर समान रूप से काम हो, तो आत्मनिर्भर गांव और विकसित राज्य का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है। Gram Panchayat Development आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के समावेशी विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला साबित हो सकता है।
