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CGPSC Paper Leak: पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई

CGPSC Paper Leak मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 2020 और 2021 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में हेरफेर के मामले से जुड़ी है। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच CBI की FIR के आधार पर शुरू हुई थी।

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CGPSC Paper Leak: क्या है पूरा मामला?

CGPSC Paper Leak मामला वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षाओं से जुड़ा है।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन परीक्षाओं के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले के सामने आने के बाद इसकी जांच पहले CBI और बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुरू की।


ED ने तमन सिंह सोनवानी को क्यों गिरफ्तार किया?

प्रवर्तन निदेशालय ने CGPSC Paper Leak मामले में तमन सिंह सोनवानी से लंबी पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए और वे कई सवालों पर टालमटोल करते रहे।

इसके बाद ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हालांकि, अदालत में आरोप साबित होने तक किसी भी आरोपी को कानून की नजर में दोषी नहीं माना जाता।

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CGPSC Paper Leak जांच में क्या आरोप हैं?

जांच एजेंसियों के अनुसार, मामला राज्य सेवा परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने और चयन प्रक्रिया में कथित हेरफेर से जुड़ा है।

ED यह भी जांच कर रही है कि कथित अनियमितताओं से अर्जित धन का उपयोग या लेनदेन किस प्रकार हुआ और क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व शामिल हैं।

इसी आधार पर PMLA के तहत अलग से जांच की जा रही है।


CBI FIR से शुरू हुई ED की कार्रवाई

CGPSC Paper Leak की जांच की शुरुआत CBI द्वारा दर्ज FIR से हुई थी।

इसी FIR के आधार पर ED ने धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।


अब आगे क्या होगा?

ED अधिकारियों के अनुसार, तमन सिंह सोनवानी को रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश किया जाएगा।

एजेंसी अदालत से उनकी हिरासत (रिमांड) की मांग करेगी ताकि मामले में आगे पूछताछ की जा सके और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच पूरी की जा सके।

जांच एजेंसियां इस मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। यदि नए साक्ष्य सामने आते हैं तो आगे और कार्रवाई संभव है।


CGPSC Paper Leak का अभ्यर्थियों पर प्रभाव

इस मामले ने राज्य सेवा परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

हजारों अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। राज्य सरकार और जांच एजेंसियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।


CGPSC Paper Leak मामले में पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी जांच का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। ED की यह कार्रवाई CBI की FIR के आधार पर चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। अब सभी की नजर विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर रहेगी। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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