Skip to main content

4thnation

Guest Teachers Protest: दुर्ग में आधी रात पुलिस की कार्रवाई, धरना हटाया गया, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Guest Teachers Protest के बीच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों के धरने पर बुधवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई की। पिछले 22 दिनों से हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठे अतिथि शिक्षकों का टेंट हटाकर जब्त कर लिया गया। गुरुवार सुबह जब शिक्षक धरना स्थल पहुंचे तो पुलिस ने करीब 50 अतिथि शिक्षकों को बसों में बैठाकर वहां से हटा दिया। हालांकि शिक्षकों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

📲 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Guest Teachers Protest के दौरान पुलिस ने की कार्रवाई

दुर्ग के हिंदी भवन के सामने बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ अतिथि शिक्षक पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे थे।

बुधवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर शाम तक प्रदर्शन समाप्त करने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बावजूद शिक्षक धरने पर डटे रहे।

इसके बाद देर रात पुलिस ने धरना स्थल से टेंट हटाकर जब्त कर लिया। गुरुवार सुबह लगभग 50 अतिथि शिक्षकों को पुलिस बसों में बैठाकर वहां से ले गई। धरना स्थल के साथ-साथ बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई ताकि कोई नया प्रदर्शनकारी आंदोलन में शामिल न हो सके।


पुलिस कार्रवाई के बाद भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान

Guest Teachers Protest में शामिल शिक्षकों ने पुलिस कार्रवाई के बाद भी आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

शिक्षकों का कहना है कि टेंट हटाने और उन्हें धरना स्थल से हटाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि वे दोबारा धरना देने की कोशिश करेंगे और जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि अब तक सरकार की ओर से केवल बातचीत और आश्वासन मिला है, लेकिन किसी भी मांग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें: Ek Ped Maa Ke Naam: दुर्ग में 1500 पौधों का होगा रोपण, दो साल तक देखरेख की जिम्मेदारी भी तय


शिक्षा मंत्री के निवास का किया था घेराव

Guest Teachers Protest के दौरान इससे पहले अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित निवास का करीब 24 घंटे तक घेराव किया था।

बाद में मंत्री से चर्चा कराने का आश्वासन मिलने पर शिक्षक वहां से लौटकर हिंदी भवन के सामने फिर धरने पर बैठ गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि बातचीत के बाद उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर आंदोलन जारी रखा गया।


समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग

अतिथि शिक्षक संघ का कहना है कि उनका आंदोलन कई प्रमुख मांगों को लेकर चल रहा है।

इनमें प्रमुख रूप से—

  • संविलियन (नियमितीकरण) की मांग
  • सेवा सुरक्षा
  • समान कार्य के बदले समान वेतन
  • मानदेय में वृद्धि

संगठन का कहना है कि प्रदेश के हजारों अतिथि शिक्षक वर्षों से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिली हैं।

शिक्षकों का यह भी कहना है कि उन्होंने दूर-दराज और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में भी अपनी सेवाएं दी हैं, फिर भी उनके भविष्य को लेकर कोई स्थायी नीति नहीं बनाई गई है।


धरना स्थल पर फ्लैग मार्च, सुरक्षा बढ़ाई गई

बुधवार को पुलिस ने भारी बल के साथ धरना स्थल पर फ्लैग मार्च भी किया।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने उन्हें शाम 6 बजे तक धरना समाप्त कर घर लौटने को कहा था। इसके बाद देर रात टेंट हटाकर कार्रवाई की गई।

फिलहाल सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है, लेकिन अभी तक किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी है।


आगे क्या हो सकता है?

Guest Teachers Protest को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच फिर से बातचीत हो सकती है।

हालांकि फिलहाल शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि लिखित आश्वासन या ठोस निर्णय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।


Guest Teachers Protest ने छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, समान वेतन और नियमितीकरण जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। दुर्ग में पुलिस कार्रवाई के बावजूद शिक्षकों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। अब सभी की नजर सरकार और अतिथि शिक्षक संघ के बीच संभावित वार्ता और उसके परिणाम पर टिकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *