Ek Ped Maa Ke Naam अभियान को दुर्ग नगर पालिक निगम ने नई गति देने की तैयारी शुरू कर दी है। महापौर अलका बाघमार ने पर्यावरण संरक्षण और शहर को अधिक हरित बनाने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में शहर के 30 उद्यानों के विकास, 1500 पौधों के रोपण, उनकी दो वर्षों तक देखरेख और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को प्रभावी बनाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया।
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Ek Ped Maa Ke Naam अभियान को मिलेगी नई रफ्तार
दुर्ग नगर निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में महापौर अलका बाघमार ने अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे “Ek Ped Maa Ke Naam” अभियान को शहर में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में 15 वार्डों का चयन कर विशेष पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में पर्यावरण प्रभारी काशीराम कोसरे, कार्यपालन अभियंता मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उप अभियंता पंकज साहू तथा उद्यान प्रभारी अनिल सिंह उपस्थित रहे।
Ek Ped Maa Ke Naam के तहत 1500 पौधों का होगा रोपण
बैठक में 1500 पौधों के रोपण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह कार्य ठेका पद्धति के माध्यम से कराया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह रहा कि लगाए जाने वाले प्रत्येक पौधे की दो वर्षों तक देखरेख और संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी। इसका उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि पौधों का सफल संरक्षण और विकास सुनिश्चित करना है।
प्रत्येक पौधे के साथ ट्री गार्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पौधों को नुकसान से बचाया जा सके।
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नीम, करंज सहित लगाए जाएंगे छायादार पौधे
Ek Ped Maa Ke Naam अभियान के तहत लगाए जाने वाले पौधों में करीब 500 नीम और करंज के लगभग छह फीट ऊंचे पौधे शामिल होंगे।
इसके अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छायादार और पर्यावरण हितैषी प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे, जिससे आने वाले वर्षों में हरित क्षेत्र बढ़ सके।
30 उद्यानों के रखरखाव की बनेगी नई व्यवस्था
महापौर ने शहर के लगभग 30 गार्डनों के नियमित रखरखाव, सिंचाई व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के लिए ठेका पद्धति तथा स्व-सहायता महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने का निर्देश दिया।
अधिकारियों से कहा गया कि सभी उद्यानों में नियमित सिंचाई के लिए नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं, पर्याप्त मानव संसाधन की व्यवस्था हो तथा रखरखाव के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए।
इसके साथ ही निगम परिसर में भी बड़े स्तर पर पौधारोपण और हरित सौंदर्यीकरण कार्य किए जाएंगे।
भवन अनुज्ञा में पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी प्राथमिकता
महापौर अलका बाघमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन अनुज्ञा (Building Permission) की प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने पिछले वर्षों में लगाए गए पौधों की वर्तमान स्थिति, जीवित पौधों की संख्या और संबंधित योजनाओं में उपलब्ध शेष राशि का विवरण प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बची हुई राशि का उपयोग नए पौधारोपण कार्यों में किया जाएगा।
महापौर ने क्या कहा?
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि यदि पौधों की नियमित देखरेख की जाएगी तो आने वाले वर्षों में दुर्ग शहर अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित होगा।
Ek Ped Maa Ke Naam अभियान के तहत दुर्ग नगर निगम द्वारा 1500 पौधों के रोपण, दो वर्षों तक उनकी देखरेख, 30 उद्यानों के विकास और 15 वार्डों में विशेष पौधारोपण अभियान का निर्णय शहर के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो दुर्ग आने वाले वर्षों में हरित और स्वच्छ शहर के रूप में नई पहचान बना सकता है।
