Sahara India Fraud मामले में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से बड़ी कार्रवाई सामने आई है। करीब तीन वर्षों से फरार चल रहे सहारा इंडिया के पूर्व ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ (54) को रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपने ससुराल आया हुआ है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अब तक 3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ की कथित ठगी का खुलासा हो चुका है।
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Sahara India Fraud: कैसे सामने आया करोड़ों रुपये का निवेश घोटाला?
रायगढ़ के कोतवाली थाना में 29 सितंबर 2022 को एक निवेशक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सहारा इंडिया के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वर्ष 2017 में उन्हें, उनकी पत्नी और उनकी मां को कंपनी की विभिन्न योजनाओं में करीब ₹40 लाख निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
आरोप था कि कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अधिकृत और विश्वसनीय बताकर निवेश कराया गया, लेकिन योजनाओं की अवधि पूरी होने के बाद भी निवेशकों को उनकी राशि वापस नहीं मिली।
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Sahara India Fraud में 3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ की ठगी
जांच के दौरान रायगढ़ और अन्य जिलों के हजारों निवेशकों से दस्तावेज और शिकायतें एकत्र की गईं।
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के अनुसार, अब तक की जांच में 3,848 निवेशकों से ₹40,78,16,739 की कथित धोखाधड़ी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, निवेशकों से सहारा इंडिया के नाम पर पैसा जमा कराया गया, लेकिन कई मामलों में बॉन्ड अलग-अलग सहकारी समितियों (Cooperative Societies) के नाम पर जारी किए गए। यही इस पूरे घोटाले की प्रमुख कड़ी मानी जा रही है।
फरार ब्रांच मैनेजर विजय कुमार शराफ गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, विजय कुमार शराफ सहारा इंडिया की कबीर चौक शाखा के शाखा प्रबंधक थे और जांच शुरू होने के बाद से लगातार गिरफ्तारी से बच रहे थे।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि वह रायगढ़ स्थित अपने ससुराल पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अब तक छह आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में विजय कुमार शराफ की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच जारी है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में क्या-क्या बरामद हुआ?
जांच के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियां जब्त की हैं। इनमें शामिल हैं—
- सहारा इंडिया के पहचान पत्र (Identity Cards)
- नियुक्ति एवं कार्य आदेश (Appointment & Work Orders)
- बैंक रिकॉर्ड
- जमीन से जुड़े दस्तावेज
- कथित ठगी की रकम से खरीदी गई कार
- मोटरसाइकिल
पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर धन के प्रवाह (Money Trail) और अन्य संपत्तियों की जांच भी कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
पुलिस ने निवेशकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने सहारा इंडिया की योजनाओं में निवेश किया है और उसे राशि वापस नहीं मिली है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ पुलिस से संपर्क करे।
जांच एजेंसियां सभी शिकायतों का सत्यापन कर रही हैं और पीड़ित निवेशकों से जुड़े रिकॉर्ड जुटा रही हैं।
Sahara India Fraud मामले में फरार पूर्व ब्रांच मैनेजर की गिरफ्तारी जांच के लिए अहम मानी जा रही है। अब तक की जांच में 3,848 निवेशकों से ₹40.78 करोड़ की कथित ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और धन के प्रवाह, अन्य आरोपियों की भूमिका तथा निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी। Sahara India Fraud से जुड़े इस मामले पर आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
