Naari Shakti को राजनीतिक मंच पर स्थापित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत किया था। इस अधिनियम के तहत देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था।
यह विधेयक महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा था। लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के चलते यह अधिनियम लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जिससे पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी इस विषय पर भाजपा ने जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया और कांग्रेस सहित समस्त विपक्षी दलों को महिला-विरोधी करार दिया।
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दुर्ग में BJP का विरोध प्रदर्शन
हिंदी भवन के पास महात्मा गांधी पुतले के सामने रात को जुटी भीड़
दुर्ग के हिंदी भवन के निकट महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष रात्रि 9:00 बजे भाजपा ने एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। यह प्रदर्शन भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय की मुख्य उपस्थिति में एवं जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता, पदाधिकारी और नेता उपस्थित रहे। महिलाओं ने Naari Shakti के समर्थन में और विपक्ष के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
नारेबाजी और आक्रोश – महिलाओं ने दर्ज कराया विरोध
विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को महिला-विरोधी बताया। उनका कहना था कि जो दल महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, उन्होंने ही इस ऐतिहासिक अवसर पर महिलाओं की पीठ में छुरा घोंपा।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि Naari Shakti को दबाने का यह कुचक्र देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी और समय आने पर उचित जवाब देंगी।
सरोज पाण्डेय ने नारी शक्ति के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा
33% आरक्षण को बताया ऐतिहासिक पहल
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पाण्डेय ने इस अवसर पर विपक्षी दलों के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की थी।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व और भागीदारी दिलाने का सशक्त माध्यम बन सकता था।
विपक्ष पर साधा तीखा निशाना
सरोज पाण्डेय ने आगे कहा कि देश की समस्त विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध करते हुए मतदान में इसे गिराने का काम किया। विपक्ष के इस नकारात्मक रवैये के कारण देश की महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित होना पड़ा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करती रही है और भविष्य में भी इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगी।
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महापौर अलका बाघमार का बयान
नारी शक्ति को रोकने वालों को मिलेगा जवाब
दुर्ग की महापौर अलका बाघमार ने विरोध प्रदर्शन में अपनी बात रखते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को मजबूत बनाना था, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अपनी संकीर्ण मानसिकता के कारण इसे पारित नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि यह घटना यह सिद्ध करती है कि विपक्षी दल महिलाओं को आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते। उनकी यह सोच महिला-विरोधी है और देश की Naari Shakti इसका उचित जवाब अवश्य देगी।
महापौर ने यह भी कहा कि आने वाले समय में देश की महिलाएं मतपेटी के माध्यम से इस विश्वासघात का हिसाब जरूर चुकाएंगी।
कांग्रेस पर दोहरे चरित्र का आरोप
नारी शक्ति की बात, लेकिन वोट विरोध में
भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कांग्रेस हमेशा महिलाओं के हितों की बात करती है, लेकिन जब Naari Shakti को वास्तविक अधिकार देने का समय आया तो उसने इस महत्वपूर्ण अधिनियम का समर्थन नहीं किया।
सरोज पाण्डेय ने इसे कांग्रेस का “दोहरा चरित्र” बताते हुए कहा कि यह पार्टी केवल चुनावों में महिलाओं का इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके वास्तविक उत्थान में कोई रुचि नहीं रखती।
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कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता
Naari Shakti के समर्थन में उतरे दिग्गज नेता
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख उपस्थितियों में शामिल थे:
- भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य – उषा टावरी, चंद्रिका चंद्राकर
- भिलाई जिला अध्यक्ष – पुरुषोत्तम देवांगन
- जिला महामंत्री – दिलीप साहू, विनोद अरोरा
- जिला उपाध्यक्ष – सरिता मिश्रा, सुषमा जेठानी
- महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री – कुमुद बघेल
- महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष – तृप्ति चंद्राकर
- मंत्री – गायत्री वर्मा
- स्वीटी कौशिक एवं अन्य
इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष राजीव पांडेय, सह कोषाध्यक्ष नीलेश अग्रवाल, कार्यालय मंत्री आसिफ अली, प्रवक्ता नितेश साहू, रज़ा खोखर, मीडिया प्रभारी राजा महोबिया, सोशल मीडिया प्रभारी रजनीश श्रीवास्तव, विधि प्रकोष्ठ जिला संयोजिका उमा भारती साहू भी मौजूद रहे।
महिला कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी
महामंत्री ममता राव, डॉ. भारती साहू, मंडल अध्यक्ष महेंद्र लोढ़ा, कौशल साहू, बानी सोनी, लेखिका झरना वर्मा, किरण मिश्रा, तूलेश्वरी साहू, दिनेश्वरी तुरकर, मौसमी ताम्रकार, चंपा साहू सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस Naari Shakti समर्थन रैली में शामिल हुईं।
यह उपस्थिति यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर भाजपा कार्यकर्ताओं में इस मुद्दे को लेकर कितना गहरा आक्रोश है।
Naari Shakti का भविष्य
Naari Shakti वंदन अधिनियम का लोकसभा में पारित न होना निस्संदेह देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा झटका है। भाजपा का यह विरोध प्रदर्शन यह संदेश देता है कि पार्टी महिला सशक्तिकरण के अपने एजेंडे से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
दुर्ग में आयोजित यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन लाखों महिलाओं की आवाज थी जो राजनीति में अपनी उचित भागीदारी चाहती हैं। Naari Shakti को संसद में उचित प्रतिनिधित्व मिलना न केवल संवैधानिक न्याय है, बल्कि यह एक सशक्त और समावेशी लोकतंत्र की आवश्यकता भी है।
आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और देश की Naari Shakti यह तय करेगी कि उनके अधिकारों के साथ विश्वासघात करने वालों को सत्ता की कुर्सी मिलेगी या नहीं।
