छत्तीसगढ़ शासन की Lok Kalakar Protsahan Yojana को लेकर दुर्ग में कलाकारों ने बड़ी मांग उठाई है। राज्य के पेंटर एवं चित्रकार कलाकारों ने शासन-प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाए, क्योंकि वर्तमान में इसमें केवल मूर्तिकार और शिल्पकारों को ही शामिल किया गया है।
Lok Kalakar Protsahan Yojana क्या है
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026” संचालित की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक कलाकारों को आर्थिक सहायता देकर उनकी कला को संरक्षित करना है।
फिलहाल इस योजना का लाभ केवल मूर्तिकार एवं शिल्पकारों को ही मिल रहा है, जिससे पेंटर व चित्रकार समुदाय में नाराज़गी है।
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पेंटर-चित्रकारों की मांग क्यों उठी
कलाकारों का कहना है कि प्रदेश में पेंटर, चित्रकार एवं अन्य कला विधाओं से जुड़े कलाकार भी वर्षों से अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समृद्ध कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें योजना से बाहर रखना भेदभावपूर्ण व्यवहार माना जा रहा है।
कलाकारों की मांग है कि Lok Kalakar Protsahan Yojana में सभी कला विधाओं को समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए, न कि केवल कुछ चुनिंदा वर्गों को।
दुर्ग में हुई महत्वपूर्ण बैठक
इसी मांग को लेकर छत्तीसगढ़ मूर्तिकार चित्रकार संघ एवं छत्तीसगढ़ कलाकार सेवा समिति, दुर्ग द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्कृति विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आवश्यक निर्णय लेने पर चर्चा हुई।
बैठक में कलाकारों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया कि कला की किसी भी विधा के कलाकार के साथ भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।
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पेंटर कलाकारों का योगदान
कलाकारों ने कहा कि पेंटर एवं चित्रकार भी लोककला, संस्कृति और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, इसलिए उन्हें भी शासन की योजनाओं में समान अवसर मिलना चाहिए।
योजना में प्रोत्साहन राशि का प्रावधान
वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत मूर्तिकार एवं शिल्पकारों को वार्षिक ₹12,000 से ₹24,000 तक की प्रोत्साहन राशि प्रस्तावित है। कलाकारों की मांग है कि पेंटर एवं चित्रकारों को भी इसी दर पर आर्थिक सहायता दी जाए।
कलाकारों की एकजुटता का संदेश
बैठक के दौरान सभी उपस्थित कलाकारों ने एकजुट होकर संस्कृति विभाग व शासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक सभी कला विधाओं को समान महत्व नहीं मिलेगा, तब तक योजना का उद्देश्य अधूरा रहेगा।
बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व संयोजक देवानंद साहू, अनुशासन समिति अध्यक्ष दीपक यादव, प्रदेश अध्यक्ष परम यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष बाबा सिन्हा, दुर्ग जिला अध्यक्ष प्रवीण वासनिक, दुर्ग संभागीय अध्यक्ष रवि गौर, राजनांदगांव संभागीय अध्यक्ष देवा रंगारी, समिति कोषाध्यक्ष विनय ताम्रकार, संरक्षक रमन एवं मीडिया प्रभारी महेश राव सहित प्रदेश भर के जिला व ब्लॉक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की राह
कलाकारों ने छत्तीसगढ़ शासन एवं संस्कृति विभाग से मांग की है कि Lok Kalakar Protsahan Yojana में पेंटर एवं चित्रकारों को शीघ्र शामिल कर समान रूप से प्रोत्साहन राशि दी जाए, ताकि प्रदेश के सभी कलाकारों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
छत्तीसगढ़ के पेंटर एवं चित्रकार कलाकारों की यह मांग जायज़ नज़र आती है कि Lok Kalakar Protsahan Yojana में उन्हें भी शामिल किया जाए। यदि शासन इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेता है, तो राज्य की सभी कला विधाओं को समान सम्मान और आर्थिक सहायता मिल सकेगी, जिससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला-संस्कृति को और बल मिलेगा।
