IYC Protest को दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बाद इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। संगठन ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी। IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब ने पुलिस के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है।
याचिका में दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके जरिए प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया गया था। IYC का कहना है कि शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने की पुलिस की शक्ति को बिना व्यक्तिगत और आनुपातिक आकलन के प्रदर्शन पर पूर्ण रोक लगाने की शक्ति में नहीं बदला जा सकता। यह याचिकाकर्ता का कानूनी तर्क है, जिस पर अदालत को विचार करना है।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
IYC Protest के लिए 25 सितंबर को मांगी थी अनुमति
याचिका के मुताबिक, इंडियन यूथ कांग्रेस ने 25 सितंबर को दिल्ली पुलिस के समक्ष जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन दिया था। प्रस्तावित कार्यक्रम में करीब 100 से 150 लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी।
संगठन ने आवेदन के दौरान सुरक्षा, यातायात, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सभी वैध निर्देशों का पालन करने की बात कही थी। याचिका में दावा किया गया है कि बार-बार फॉलो-अप के बावजूद अनुमति अस्वीकार किए जाने की सूचना 1 अक्टूबर को मिली, जो प्रदर्शन की प्रस्तावित पहली तारीख थी।
IYC Protest पर पुलिस के फैसले को चुनौती
IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब की ओर से दायर याचिका में दिल्ली पुलिस के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिका वकील रूपेश सिंह भदौरिया के माध्यम से दाखिल की गई है।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि प्रदर्शन को लेकर पुलिस द्वारा लगाए गए दिशा-निर्देशों का कथित रूप से यांत्रिक तरीके से इस्तेमाल किया गया। याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण सभा को पूरी तरह रोकने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार उचित और आनुपातिक नियमन किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: Flydubai FZ1073 में बड़ा विमान हादसा टला
IYC Protest और संविधान के अनुच्छेद
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 19(1)(b) का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता ने इन्हें समानता तथा अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा से जुड़े संवैधानिक अधिकारों के संदर्भ में रखा है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के उन पूर्व निर्णयों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें शांतिपूर्ण सभा के अधिकार और उस पर लगाए जाने वाले उचित नियमन से जुड़े सिद्धांतों पर विचार किया गया है। हालांकि, इस मामले में इन दलीलों को स्वीकार या अस्वीकार करने का अंतिम निर्णय अदालत को करना है।
IYC Protest को लेकर अब आगे क्या?
फिलहाल मामला दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष है। याचिका में दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के निर्णय को चुनौती दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ता ने प्रदर्शन की अनुमति से इनकार किए जाने के तरीके और पुलिस के विवेक के इस्तेमाल पर कानूनी सवाल उठाए हैं।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि IYC Protest को लेकर अभी अदालत का अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए पुलिस के आदेश की वैधता या प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने के संबंध में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े ऐसे अन्य मामले भी हाल में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 1 अक्टूबर को E20 पेट्रोल-इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति को चुनौती देने वाली याचिका भी अदालत के समक्ष आई थी।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
IYC Protest मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। संगठन ने शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के 1 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है। अब इस मामले में अदालत की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस के निर्णय पर न्यायालय क्या रुख अपनाता है।
