Skip to main content

4thnation

Durg Agriculture Loan 2026: किसानों को रिकॉर्ड लाभ

Durg Agriculture Loan 2026 के तहत दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग से जुड़ी 402 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों ने खरीफ 2026 के लिए निर्धारित 1,595 करोड़ रुपये के कृषि ऋण लक्ष्य के मुकाबले 1,412 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया है।

बैंक के अनुसार, 19 अगस्त 2026 तक कुल 3,08,674 किसानों को कृषि ऋण का लाभ मिला है। यह पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड ऋण वितरण बताया गया है। निर्धारित लक्ष्य का 89 प्रतिशत हिस्सा पहले ही पूरा किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ और किसानों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Durg Agriculture Loan 2026 में रिकॉर्ड वितरण

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अधीन काम करने वाली 402 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से खरीफ सीजन के लिए किसानों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

बैंक के मुताबिक, खरीफ 2026 में राज्य शासन द्वारा निर्धारित पूर्व ऋण अनुपात 60:40 में बदलाव कर 70:30 के अनुपात में नकद और वस्तु ऋण वितरण किया गया। इससे किसानों को खेती की जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता और कृषि सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिली।

खाद की आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति के बावजूद बैंक और समितियों ने कृषि विभाग के साथ समन्वय बनाकर किसानों को कृषि ऋण उपलब्ध कराया।

यह भी पढ़ें: Durg Chaturmas में दिग्व्रत से मिला संयम का संदेश

Durg Agriculture Loan 2026 में 89% लक्ष्य पूरा

बैंक ने 1,595 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 1,412 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर लिया है। इस तरह लक्ष्य का लगभग 89 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

खरीफ सत्र के लिए कृषि ऋण वितरण की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित है। यानी किसान अभी भी निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण

Durg Agriculture Loan 2026 के तहत किसानों को शासन की योजना के अनुसार कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर वितरित किया जा रहा है।

बैंक ने कृषि विभाग के साथ समन्वय कर कृषि ऋण को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से वितरित करने की व्यवस्था की है। बैंक के अनुसार कुल 4.02 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं और इसी माध्यम से ऋण वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को खेती से जुड़े जरूरी खर्चों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का बढ़ा कवरेज

कृषि ऋण के साथ किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

खरीफ 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन और कवरेज की अंतिम तारीख 14 अगस्त 2026 निर्धारित थी। बैंक के अनुसार अंतिम तिथि तक तीनों जिलों के 3,27,027 किसानों को फसल बीमा का कवरेज प्रदान किया गया है।

बैंक की ओर से बताया गया कि संबंधित किसानों की प्रीमियम राशि बीमा कंपनी को भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

फसल बीमा में पिछले साल से बढ़े किसान

खरीफ 2025 में समितियों के माध्यम से 3,24,469 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कवरेज मिला था। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3,27,027 हो गई।

इस तरह पिछले साल की तुलना में करीब 2,558 अधिक किसानों को बीमा कवरेज मिला है। बैंक ने इसे रिकॉर्ड स्तर का कवरेज बताया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से फसल नुकसान की स्थिति में बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना की आधिकारिक जानकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पोर्टल पर देखी जा सकती है।

समितियों में खाद की उपलब्धता

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक ने बताया कि वर्तमान में सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में मांग के अनुसार खाद उपलब्ध है।

खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारी और कर्मचारी निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण कर रहे हैं।

इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को कृषि ऋण के साथ खाद जैसी आवश्यक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

किसानों के लिए क्या है बड़ी राहत?

इस साल कृषि ऋण वितरण में तेजी और फसल बीमा कवरेज में वृद्धि किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। 3.08 लाख से अधिक किसानों को ऋण मिलने से खरीफ खेती के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध हुई है।

वहीं 3.27 लाख किसानों का फसल बीमा कवरेज होने से प्राकृतिक आपदा या अन्य निर्धारित जोखिमों के कारण फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को योजना के तहत सुरक्षा मिल सकती है।

Durg Agriculture Loan 2026 के आंकड़े बताते हैं कि दुर्ग संभाग के तीन जिलों में कृषि ऋण वितरण ने पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड स्तर छुआ है। 1,412 करोड़ रुपये का ऋण 3,08,674 किसानों तक पहुंचा है और लक्ष्य का 89 प्रतिशत पूरा हो चुका है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 3,27,027 किसानों को कवरेज मिला है। खरीफ ऋण वितरण की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 होने के कारण पात्र किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ ले सकते हैं।

छत्तीसगढ़ और किसानों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *