Skip to main content

4thnation

Jantar Mantar Journalist Allegations पर राहुल गांधी का हमला

Jantar Mantar Journalist Allegations को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और मीडिया हलकों में विवाद तेज हो गया है। तीन महिला पत्रकारों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों पर यौन उत्पीड़न और अनुचित तरीके से छूने के आरोप लगाए हैं।

इन आरोपों के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा है। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए गृह मंत्री को इस मामले पर जवाब देना चाहिए।

यह घटनाक्रम 3 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान सामने आया। प्रदर्शन में विपक्षी दलों और अन्य संगठनों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Jantar Mantar Journalist Allegations पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि एक महिला पत्रकार ने जंतर-मंतर पर एक पुलिस अधिकारी के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि कई घंटे से सैकड़ों पत्रकार कथित तौर पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि शिकायत पर एफआईआर दर्ज करना पुलिस की बुनियादी जिम्मेदारी है या नहीं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि शनिवार को जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में महिलाएं और छात्र अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच सत्याग्रह कर रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी वाली पुलिस पर ही महिलाओं के खिलाफ हाथ उठाने के आरोप लग रहे हैं।

दिल्ली पुलिस ने शिकायतें क्राइम ब्रांच को भेजीं

Jantar Mantar Journalist Allegations के बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे प्रदर्शन स्थल पर तीन महिला पत्रकारों की ओर से यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

पुलिस के अनुसार, नई दिल्ली जिला पुलिस को मिली शिकायतों को निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया है।

पुलिस ने कहा कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।

फिलहाल इन आरोपों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होगा।

यह भी पढ़ें: Durg Fake Gold Fraud में 8.25 लाख की ठगी

Jantar Mantar Journalist Allegations पर पत्रकारों का धरना

शिकायतों के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद पत्रकारों ने कथित तौर पर धरना दिया और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई।

मामला ऐसे समय सामने आया जब जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा था। विपक्ष ने SIR और कथित वोट हटाए जाने को लेकर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

इन राजनीतिक आरोपों और महिला पत्रकारों की शिकायतों ने प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विवाद को और बढ़ा दिया है।

CJP और AISA ने भी लगाए आरोप

Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने एसीपी विवेक भगत पर कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और महिला पत्रकार को गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी सोशल मीडिया पोस्ट में इसी तरह के आरोप लगाए और दावा किया कि महिला पत्रकार ने शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उसे कथित तौर पर एफआईआर दर्ज कराने में परेशानी हुई।

हालांकि, ये आरोप संबंधित व्यक्तियों और संगठनों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

AISA ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया।

AISA ने दावा किया कि कई महिलाओं ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने और धक्का-मुक्की किए जाने की शिकायत की।

संगठन ने पुलिस के भीड़ प्रबंधन के तरीके पर सवाल उठाते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन किए जाने की मांग की।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जताई चिंता

Jantar Mantar Journalist Allegations पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के कथित व्यवहार पर चिंता जताई।

प्रेस क्लब ने कहा कि पत्रकारों को बिना डर के स्वतंत्र रूप से अपना काम करने और विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शन करने वाले लोगों की रिपोर्टिंग करने की अनुमति होनी चाहिए।

संगठन ने इस तरह के व्यवहार को लोकतंत्र में सामान्य नहीं बनाए जाने की बात कही और मीडिया की स्वतंत्रता से जुड़े सवाल उठाए।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

अब जांच पर टिकी नजर

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पहलू दिल्ली पुलिस द्वारा शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेजना है।

जांच के दौरान शिकायतों में लगाए गए आरोपों, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

इस बीच राजनीतिक दलों, पत्रकार संगठनों और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाओं के कारण मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

Jantar Mantar Journalist Allegations ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा, पत्रकारों की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें क्राइम ब्रांच को भेजी जा चुकी हैं और अब जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *