Skip to main content

4thnation

National Highway Chhattisgarh पर बड़ा मंथन

National Highway Chhattisgarh से जुड़ी आगामी सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए गुजरात के नर्मदा में दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर शुरू हुआ है। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव इस महत्वपूर्ण शिविर में शामिल हुए हैं।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आयोजित इस चिंतन शिविर की थीम ‘गतिशक्ति से प्रगति’ रखी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शिविर का शुभारंभ किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

National Highway Chhattisgarh पर चार फोरलेन परियोजनाएं

राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सड़क निर्माण से जुड़े मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप भी शिविर में भाग ले रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। इनमें रायपुर-जगदलपुर, बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ मार्ग शामिल हैं।

चिंतन शिविर में तैयार होने वाले नए फ्रेमवर्क इन परियोजनाओं के बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन में मददगार साबित हो सकते हैं।

‘गतिशक्ति से प्रगति’ पर परियोजना नियोजन

शिविर के पहले दिन विभिन्न सत्रों में भविष्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की डिजाइन, गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और परियोजना प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पहले सत्र में ‘पीएम गतिशक्ति—समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन’ विषय पर विचार-विमर्श हुआ।

पीएम गतिशक्ति का उद्देश्य विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उनके नियोजन और क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है। ऐसे फ्रेमवर्क से सड़क परियोजनाओं में विभागीय समन्वय बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

National Highway Chhattisgarh में भूमि अधिग्रहण पर जोर

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के समय पर पूरा होने में भूमि अधिग्रहण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी को देखते हुए चिंतन शिविर में ‘भूमि अधिग्रहण में तेजी और भूमि राशि का प्रभावी उपयोग’ विषय पर भी गहन चर्चा की गई।

इसके अलावा ‘सुदृढ़ परियोजना क्रियान्वयन और रेटिंग के लिए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।

इन चर्चाओं का उद्देश्य सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को कम करना और परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं गति को बेहतर बनाना है।

यह भी पढ़ें: Bastar Divyang Camp से पीड़ितों को नई उम्मीद

रोड सेफ्टी और गुणवत्ता पर रहेगा फोकस

National Highway Chhattisgarh से जुड़ी परियोजनाओं के लिए सड़क सुरक्षा भी प्रमुख विषय है। राष्ट्रीय चिंतन शिविर में भविष्य के राजमार्गों की डिजाइन तैयार करते समय सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा हो रही है।

पहले दिन परियोजना डिजाइन और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बाद दूसरे दिन सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन से जुड़े विषयों पर मंथन होगा।

6 अक्टूबर को सुरक्षित राजमार्गों पर चर्चा

चिंतन शिविर के दूसरे दिन यानी 6 अक्टूबर को ‘सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइन—मानकों से क्रियान्वयन तक’ विषय पर चर्चा निर्धारित है।

इसके साथ ‘गुणवत्ता आश्वासन एवं परियोजना मॉनिटरिंग’ पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में गुणवत्ता, निगरानी और सुरक्षा को मजबूत करने से जुड़े उपायों पर ध्यान केंद्रित होगा।

छत्तीसगढ़ की सड़क परियोजनाओं को मिल सकती है नई दिशा

रायपुर से जगदलपुर तक फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग की योजना छत्तीसगढ़ के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके अलावा बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ मार्गों को भी फोरलेन बनाने की कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।

इन परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। साथ ही औद्योगिक, व्यापारिक और क्षेत्रीय आवागमन के लिए भी बेहतर आधारभूत संरचना विकसित होने की उम्मीद है।

देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

National Highway Chhattisgarh के लिए गुजरात के नर्मदा में आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर महत्वपूर्ण अवसर है। ‘गतिशक्ति से प्रगति’ की थीम के तहत सड़क डिजाइन, भूमि अधिग्रहण, परियोजना प्रबंधन, रोड सेफ्टी और गुणवत्ता जैसे विषयों पर हो रहा मंथन छत्तीसगढ़ की प्रस्तावित फोरलेन परियोजनाओं को बेहतर दिशा देने में मदद कर सकता है। रायपुर-जगदलपुर सहित चार प्रमुख मार्गों पर चल रही कार्ययोजनाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तय होने वाले नए फ्रेमवर्क भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

One thought on “National Highway Chhattisgarh पर बड़ा मंथन”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *