Census 2027 की शुरुआत छत्तीसगढ़ में

Census 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 मई 2026 से पूरे छत्तीसगढ़ में हो गई है। इस चरण में राज्यभर में मकानों की सूची तैयार करने और आवासीय जानकारी जुटाने का काम किया जा रहा है। यह अभियान एक महीने तक चलेगा और पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

राज्य सरकार और जनगणना विभाग ने इस बार आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए मोबाइल ऐप के जरिए डेटा संग्रह शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक होगी।

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Census 2027 के लिए 51 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात

छत्तीसगढ़ में Census 2027 के लिए कुल 51,300 प्रगणकों (Enumerators) और करीब 9,000 सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई है। ये कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्र कर रहे हैं।

राज्य के सभी जिलों में प्रशासनिक टीमों को सक्रिय किया गया है। जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त खुद फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि जनगणना का कार्य समय पर पूरा हो सके।

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पूरी तरह डिजिटल तरीके से हो रही Census 2027

इस बार की Census 2027 पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया पर आधारित है। प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर 33 अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी दर्ज कर रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • मकान की स्थिति
  • पीने के पानी की सुविधा
  • बिजली कनेक्शन
  • शौचालय व्यवस्था
  • घरेलू संपत्तियां
  • इंटरनेट और मोबाइल उपयोग
  • परिवार के सदस्यों की संख्या

डिजिटल प्रक्रिया के कारण डेटा तुरंत सर्वर पर अपलोड हो रहा है, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो गई है।

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Census 2027 में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई

प्रशासन ने Census 2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है।

यह कार्रवाई Census Act 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या ड्यूटी से इनकार करना दंडनीय अपराध है।

प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं।


Bastar में Census 2027 को मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स

बस्तर जिले के टोकापाल तहसील अंतर्गत गतम गांव में Census 2027 के पहले दिन ही प्रगणकों ने तय समय से पहले कार्य पूरा कर लिया।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने सहयोग दिखाया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल जनगणना को लेकर उत्साह देखा गया।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज गति से आगे बढ़ेगा।

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Self Enumeration सुविधा को मिला अच्छा समर्थन

इस बार सरकार ने Census 2027 में सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा भी दी है। नागरिक खुद वेब पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच छत्तीसगढ़ में 1,49,862 परिवारों ने इस सुविधा का उपयोग किया। यह आंकड़ा बताता है कि लोग डिजिटल माध्यम को तेजी से अपना रहे हैं।

सरकार का मानना है कि इससे जनगणना प्रक्रिया और आसान तथा पारदर्शी बनेगी।


Census 2027 में नागरिकों की जानकारी रहेगी सुरक्षित

जनगणना संचालन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि Census 2027 के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।

Census Act 1948 के तहत यह डेटा किसी भी टैक्स जांच, पुलिस जांच या अदालत में सबूत के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

यहां तक कि RTI Act के तहत भी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। सरकार केवल राष्ट्रीय योजना और कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण के लिए सांख्यिकीय आंकड़ों का उपयोग करेगी।


Census 2027 क्यों है महत्वपूर्ण

विकास योजनाओं के लिए अहम डेटा

Census 2027 से मिलने वाले आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं की आधारशिला बनेंगे। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और रोजगार जैसी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगा बढ़ावा

पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया से भारत के Digital India मिशन को भी मजबूती मिलेगी। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

ग्रामीण और शहरी जरूरतों का सही आकलन

जनगणना के माध्यम से सरकार को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों का पता चलेगा, जिससे संसाधनों का सही वितरण संभव होगा।

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नागरिकों से सहयोग की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे Census 2027 के दौरान प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी दें।

अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों का सहयोग ही इस अभियान को सफल बनाएगा। गलत जानकारी देने से सरकारी योजनाओं के आंकड़ों पर असर पड़ सकता है।


Census 2027 छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक डिजिटल अभियान साबित हो रहा है। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में डिजिटल माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया जा रहा है।

राज्य सरकार, प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इसी डेटा के आधार पर विकास योजनाएं और जनकल्याणकारी नीतियां तैयार की जाएंगी। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह Census 2027 में सक्रिय भागीदारी निभाए और सही जानकारी उपलब्ध कराए।

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