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हल्की बूंदाबांदी ने बदला छत्तीसगढ़ का मौसम : 7 और 8 जनवरी को करना पड़ेगा कड़ाके की ठंड का सामना

रायपुर (छत्तीसगढ़)। बंगाल की खाड़ी से आई नमी वाली हवाओं ने नया सिस्टम बनाया और प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। यहां बुधवार हल्की बूंदाबांदी के कारण छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में धुंध छाई हुई है और ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है बूंदाबादी का यह मौसम गुरुवार शाम तक बना रहेगा। उसके बाद मौसम साफ होगा। 7 और 8 जनवरी को न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। इसकी वजह से कड़ाके की ठंड का एहसास होगा।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, प्रदेश में उत्तर की ओर से ठंडी और शुष्क हवा का आना जारी है। दो दिनों से बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा भी आने लगी है। रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में उसका सम्मिलन बिंदु है। यानी इस क्षेत्र में अलग-अलग प्रकृति की हवा टकरा रही है। नमी वाली हवा के संपर्क में आने से स्थानीय स्तर पर ही बादल बने हैं। यह बादल घने नहीं हैं। इनकी ऊंचाई केवल 150 मीटर की है। ऐसे में रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में बूंदाबादी हो रही है।

सरगुजा और बिलासपुर संभाग में भी बादलों का प्रभाव है। बुधवार रात से इनका असर कम होना शुरू हो जाएगा। गुरुवार शाम तक बादलों के छंट जाने की संभावना बन रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार से न्यूनतम तापमान में गिरावट तेज होगी। 7 और 8 जनवरी को न्यूनतम तापमान में बड़ी गिरावट हो सकती है। संभावना है कि उन दो-तीन दिनों में इस सीजन की सबसे अधिक ठंड पड़े।

अधिकांश क्षेत्र में बादलों की वजह से न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। सूर्योदय से पहले अंबिकापुर सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड हुआ। वहां न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा है। कोरिया में 9.3 और जशपुर में न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रायपुर का न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दोपहर तक यह आधा से एक डिग्री अधिक हो पाया था। रायपुर में न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

छत्तीसगढ़ के सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में जनवरी महीना सबसे ठंडा होता है। यहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से बाहर रखा पानी जम जाता है। फसलों और पेड़-पौधों, घर की छताें-वाहनों पर ओस की बूंदे जम जाती हैं। अंबिकापुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, पेण्ड्रा रोड, कवर्धा की चिल्फी घाटी जैसे इलाकों में बर्फबारी सा एहसास होता है।