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नागपुर में Mahindra Trainee Strike से उत्पादन प्रभावित

Mahindra Trainee Strike के तहत मंगलवार को नागपुर के हिंगना स्थित Mahindra & Mahindra के ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र में बड़ी संख्या में ट्रेनी कर्मचारियों ने हड़ताल और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण कंपनी की इस महत्वपूर्ण उत्पादन इकाई का कामकाज आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।

प्रदर्शन कर रहे ट्रेनी कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे स्थायी कर्मचारियों के समान काम लिया जाता है, लेकिन इसके बदले उन्हें काफी कम वेतन दिया जाता है। उनका कहना है कि उन्हें लंबे समय की नौकरी की सुरक्षा और स्थायी कर्मचारियों को मिलने वाले कई लाभ भी नहीं मिल रहे हैं।

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Mahindra Trainee Strike में 250 से ज्यादा कर्मचारी शामिल

हिंगना MIDC औद्योगिक क्षेत्र में स्थित प्लांट के मुख्य गेट के बाहर 250 से अधिक ट्रेनी कर्मचारी एकत्र हुए। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल थीं।

प्रदर्शनकारियों ने प्लांट तक आने-जाने का रास्ता रोक दिया। इससे संयंत्र में सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ा। यूनियन नेताओं का दावा है कि लगभग इतनी ही संख्या में कुछ अन्य ट्रेनी कर्मचारी प्लांट के अंदर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी काम बंद कर दिया था।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में सेवा का नियमितीकरण, वेतन में समानता और रोजगार से जुड़े लाभ शामिल हैं।

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Mahindra Trainee Strike की प्रमुख मांगें

ट्रेनी कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधियों के अनुसार उनकी मांगें केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं। वे नौकरी की बेहतर शर्तों और सामाजिक सुरक्षा की मांग भी कर रहे हैं।

मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • ट्रेनी कर्मचारियों की सेवाओं का नियमितीकरण।
  • स्थायी कर्मचारियों के समान काम के लिए उचित वेतन।
  • वेतन में संशोधन।
  • रोजगार से जुड़े बेहतर लाभ।
  • सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ।
  • PF और ESIC जैसी सुविधाओं को लेकर स्पष्ट व्यवस्था।
  • कंपनी की ओर से लिखित आश्वासन।

यूनियन नेता Ankur Junarkar ने आरोप लगाया कि ट्रेनी कर्मचारियों को Provident Fund (PF) और Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।

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Mahindra Trainee Strike के दौरान पुलिस तैनात

प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए दंगा नियंत्रण पुलिस की तैनाती की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

ट्रेनी कर्मचारियों ने करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत हुई।

बातचीत के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया और प्रदर्शनकारी प्लांट गेट से हट गए।

Mahindra Trainee Strike फिर तेज करने की चेतावनी

यूनियन नेता Ankur Junarkar ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में होने वाले प्रदर्शनों के लिए पुलिस से अनुमति ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे जारी रखा जाएगा।

Junarkar ने कंपनी से केवल मौखिक बातचीत के बजाय लिखित आश्वासन देने की मांग पर भी जोर दिया।

इससे संकेत मिलता है कि यदि कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन दोबारा हो सकता है।

कंपनी की ओर से नहीं आया आधिकारिक जवाब

प्रदर्शन के संबंध में कंपनी का पक्ष जानने के लिए The Times of India ने Mahindra & Mahindra प्रबंधन से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

इसलिए कर्मचारियों द्वारा लगाए गए वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार संबंधी आरोपों पर कंपनी का आधिकारिक पक्ष फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि PF, ESIC, वेतन समानता और नियमितीकरण से जुड़े दावों की अंतिम स्थिति कंपनी की प्रतिक्रिया और संबंधित रोजगार दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रेनी कर्मचारियों का मुद्दा क्यों अहम?

ट्रेनी कर्मचारियों का कहना है कि वे संयंत्र में स्थायी कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन उनके वेतन और रोजगार की स्थिति अलग है। इसी अंतर को लेकर कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है।

इस विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकलना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि औद्योगिक इकाई में लंबे समय तक काम प्रभावित होने से कर्मचारियों और कंपनी दोनों पर असर पड़ सकता है।

साथ ही, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की शर्तों को लेकर स्पष्टता मिलने से कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान किया जा सकता है।

आगे क्या होगा?

करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद आंदोलन फिलहाल समाप्त हो गया है, लेकिन यूनियन ने मांगें पूरी नहीं होने पर आगे भी आंदोलन की चेतावनी दी है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि Mahindra & Mahindra प्रबंधन ट्रेनी कर्मचारियों की नियमितीकरण, वेतन संशोधन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर क्या रुख अपनाता है।

यदि दोनों पक्षों के बीच लिखित आश्वासन या समझौता होता है, तो विवाद का समाधान हो सकता है। दूसरी ओर, बातचीत विफल रहने पर Mahindra Trainee Strike का अगला चरण सामने आ सकता है।

Mahindra Trainee Strike ने नागपुर के हिंगना स्थित ट्रैक्टर प्लांट में ट्रेनी कर्मचारियों की वेतन, नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सामने ला दिया है। 250 से अधिक कर्मचारियों के प्रदर्शन और प्लांट के कामकाज पर पड़े आंशिक असर के बाद प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बातचीत हुई और प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि, यूनियन ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है। फिलहाल कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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