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फर्जी सेना का मेजर चढ़ा पुलिस के हत्थे, युवतियों से शादी के नाम पर ठगे थे साठे छः करोड़

नई दिल्ली। सेना का अधिकारी बताकर युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले युवक को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। आरोपी खुद को सेना में मेजर बताता था और युवतियों से शादी का प्रस्ताव रख रकम वसूलता था।
आरोपी द्वारा 17 युवतियों के साथ इस प्रकार का छल किए जाने का खुलासा हुआ है। शिकायत मिलने पर तेलंगाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी मुदवथ श्रीनु नाइक नाम के इस धोखेबाज ने युवतियों व उनके परिजनों से करीब 6.61 करोड़ रुपये की वसूली किए जाने की जानकारी सामने आई है। वह नौवीं तक पढ़ा था लेकिन खुद को इन्वॉयरमेंट इंजीनियरिंग में एमटेक बताता था। शादीशुदा और एक बेटे का बाप था लेकिन खुद को कुंवारा बताकर अपनी शादी की बात चलाता था। लड़कियों और उनके परिजनों को फंसाने के लिए मुदवथ ने वेबसाइट पर कई फर्जी प्रोफाइल डाल रखे थे।
आंध्र प्रदेश के प्रकासम जिले के किलाम्पल्ली गांव के रहने वाले मुदवथ ने 2002 में गुंटूर जिले के स्वास्थ विभाग में कार्यरत महिला से शादी की थी। दोनों के एक पुत्र भी है। उसका परिवार गुंटूर जिले के वीनूकोंडा इलाके में रहता है। 2014 में हैदराबाद आने के बाद मुदवथ ने वहां के जवाहर नगर इलाके में स्थित सैनिकपुरी में रहना शुरू किया। उसने अपनी पत्नी को बताया कि उसे सेना कार्यालय में नौकरी मिल गई है। उसने अपनी पत्नी से 67 लाख रुपये यह कहकर लिए कि उसे कुछ जरूरी काम करने हैं। पुलिस को इस धनराशि के लेन-देन पर शक है। इसके बाद मुदवथ ने एमएस चौहान के नाम से आधार कार्ड बनवाया और खुद को सेना का अधिकारी बताना शुरू किया। उसने सेना की वर्दी में फोटो खिंचवाए और उन्हें अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट की डीपी में लगाकर खुद को अविवाहित बताना शुरू किया। उसने कुछ मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर भी अपना प्रोफाइल डाला। इन्हीं के जरिये उसने शादी के लिए लड़कियों को फंसाना शुरू किया। हैदराबाद में उसने एक कमरा भी किराए पर लिया था, जिसे वह सेना का अपना कार्यालय बताता था। उसमें वह सेना की वर्दी पहनकर बैठता था और वीडियो कॉल से लड़कियों व उनके परिजनों से बात करता था। बातचीत में वह खुद नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे का पासआउट बताता था। शुरुआती बातचीत में मुदवथ शादी में किसी तरह दहेज इत्यादि न लेने की बात करता था लेकिन जब संबंध प्रगाढ़ होने लगते थे तो वह जरूरी काम का बहाना बनाकर लड़की या उनके परिजनों से धन लेना शुरू कर देता था।
एक मामले में इस फर्जी मेजर ने तेलंगाना के राज्य सचिवालय में कार्यरत अधिकारी से 56 लाख रुपये ले लिये थे। ये अधिकारी मेडिकल की पढ़ाई कर रही अपनी बेटी के लिए योग्य वर की तलाश करते हुए इस धोखेबाज के जाल में फंस गए थे। इसी तरह से वारंगल जिले के एक परिवार से मुदवथ ने दो करोड़ रुपये ठग लिए थे। कुछ लड़कियों को उसने खुद को गोरखपुर से आइआइटी पासआउट बताकर भी ठगी की। जब वह एक और परिवार को धोखा देकर उनसे धन वसूली के प्रयास कर रहा था तभी शनिवार को पुलिस ने उसे धर दबोचा। उसके खिलाफ जवाहर नगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस को हैदराबाद में मुदवथ का एक दोमंजिला मकान और तीन कारें मिली हैं। बरामद कारों में एक मर्सिडीज बेंज भी है। प्रभाव जमाने के लिए अक्सर वह इस कार से घूमता था। इसके अतिरिक्त उसके पास से सैन्य अधिकारी की तीन वर्दी, बैज, फर्जी पहचान पत्र, कुछ फर्जी प्रमाण पत्र, एक नकली पिस्टल और तीन कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मुदवथ के खिलाफ वारंगल में भी एक मामला दर्ज है।