रायपुर, 24 मार्च 2025: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर ने 22-23 मार्च को छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए एक दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन क्षमताओं को सशक्त बनाना और नेतृत्व कौशल विकसित करना था, जिससे ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम का उद्घाटन एवं प्रमुख हस्तियां
इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संबोधन
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को नई नीतियों और समाधान साझा करने का एक सशक्त मंच बताया। उन्होंने कहा,
“अगर हमें छत्तीसगढ़ को आगे ले जाना है, तो हर प्रकार की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। जनहित में हमें तकनीक के सही उपयोग पर जोर देना चाहिए। एक जनप्रतिनिधि के रूप में आम जनता के प्रति आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है, जिससे लोगों का आप पर और संसदीय प्रणाली पर विश्वास मजबूत होता है।”
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का विचार
विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों की इस पहल की सराहना की और कहा,
“आप सोच रहे होंगे कि चुनाव जीतने के बाद प्रशिक्षण की क्या जरूरत है? लेकिन सच्चाई यह है कि जीतने के बाद हमारी जिम्मेदारियां और भूमिकाएं बढ़ जाती हैं। हमें अपने क्षेत्र के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम करना चाहिए।”
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत का वक्तव्य
नेता प्रतिपक्ष ने नेतृत्व विकास की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा,
“यह सोचना गलत होगा कि हम विधायक बनते ही नेता बन गए। नेतृत्व एक सतत प्रक्रिया है, जिसे हमें सीखना होगा। आज एक आदिवासी पुत्र विषम परिस्थितियों को पार कर मुख्यमंत्री बना है, यही हमारे लोकतंत्र की सुंदरता और ताकत है। हमारा मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की प्रगति है और हमें इसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
आईआईएम रायपुर निदेशक डॉ. राम कुमार काकानी का बयान
आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. राम कुमार काकानी ने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा और प्रशासन के बीच की खाई को पाटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा,
“यह कार्यक्रम केवल सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निर्णय लेने और क्षमता निर्माण के लिए एक मंच है। इसमें विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे न केवल छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक स्तर ऊंचा उठेगा, बल्कि अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी।”
निष्कर्ष
आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ, जिसमें उन्होंने गवर्नेंस, प्रशासन और नेतृत्व कौशल को मजबूत करने के नए आयामों को समझा। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य की समग्र प्रगति और सुशासन को बढ़ावा देगा।
