Mayor Car Fire की घटना ने गुरुवार दोपहर दुर्ग नगर निगम कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। नगर निगम की महापौर अल्का बाघमार की सरकारी कार (CG 07 DE 2417) में अचानक आग लग गई। घटना के समय महापौर कार से उतरकर निगम कार्यालय के भीतर जा चुकी थीं, इसलिए किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक, महापौर गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भिलाई स्थित अपने निवास से सरकारी कार से दुर्ग नगर निगम कार्यालय पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि उनके निवास से निगम कार्यालय की दूरी करीब तीन किलोमीटर है।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
Mayor Car Fire की घटना कैसे हुई?
निगम कार्यालय पहुंचने के बाद महापौर अपनी सरकारी कार से उतरकर सीधे अपने कक्ष में चली गईं। इसके करीब 5 से 7 मिनट बाद कार से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया।
मौके पर मौजूद लोगों ने जब वाहन से धुआं निकलते देखा तो तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। देखते ही देखते धुआं बढ़ने लगा और कुछ ही देर में कार में आग तेजी से फैल गई।
महापौर ने समय रहते फाइलें निकालीं
महापौर अल्का बाघमार ने बताया कि कार से धुआं उठता देखकर उन्होंने तुरंत वाहन में रखी महत्वपूर्ण फाइलों और अन्य जरूरी सामान को बाहर निकाल लिया था।
इसके कुछ ही समय बाद आग ने कार के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। यदि आग बुझाने में देरी होती तो आसपास खड़े अन्य वाहनों या निगम परिसर के हिस्सों तक भी आग पहुंचने का खतरा था।
यह भी पढ़ें: Monitor Lizard Hunting: वायरल वीडियो ने खोला शिकार का राज
Mayor Car Fire पर फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम नगर निगम परिसर पहुंची। दमकलकर्मियों ने तत्काल आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की।
करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग बुझाए जाने से आग को आसपास के हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया।
आग बुझाने के बाद वाहन की स्थिति का जायजा लिया गया। हादसे में सरकारी कार को काफी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, लेकिन जांच जरूरी
प्रारंभिक तौर पर महापौर अल्का बाघमार ने कार की वायरिंग में खराबी को आग लगने की संभावित वजह बताया है। उन्होंने शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई है।
हालांकि, शुरुआती अनुमान को आग लगने का अंतिम कारण नहीं माना जा सकता। वाहन में आग लगने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
FSL टीम ने Mayor Car Fire के सबूत जुटाए
घटना की जानकारी मिलने के बाद FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी निगम कार्यालय परिसर पहुंची। टीम ने जली हुई कार और आसपास के घटनास्थल का निरीक्षण किया।
फॉरेंसिक टीम ने जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। अब इन साक्ष्यों के आधार पर आग के संभावित कारणों का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग वास्तव में वायरिंग या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी या वाहन में किसी अन्य तकनीकी खराबी ने आग का रूप लिया।
देश-दुनिया और अपराध जगत की ताजा खबरों के लिए 4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें
जांच रिपोर्ट से साफ होगा आग का कारण
फिलहाल इस घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। FSL जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
वाहन में आग लगने की घटनाओं में वायरिंग, बैटरी, ईंधन प्रणाली और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
हादसे में कोई जनहानि नहीं
Mayor Car Fire की इस घटना में राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और कोई जनहानि नहीं हुई। महापौर के वाहन से उतरने के कुछ मिनट बाद आग लगने के कारण वह घटना के समय कार के अंदर मौजूद नहीं थीं।
फायर ब्रिगेड की टीम ने भी समय पर पहुंचकर आग को नियंत्रित किया। इससे निगम कार्यालय परिसर में किसी बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
Mayor Car Fire की घटना दुर्ग नगर निगम कार्यालय परिसर में गुरुवार दोपहर अचानक हुई, जब महापौर अल्का बाघमार के वाहन से उनके उतरने के कुछ मिनट बाद धुआं उठने लगा और कार में आग फैल गई। दमकल टीम ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। शुरुआती तौर पर वायरिंग में खराबी और शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, लेकिन FSL टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की तकनीकी जांच के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। राहत की बात यह है कि इस Mayor Car Fire हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
