Nandanvan Jungle Safari आज छत्तीसगढ़ के सबसे लोकप्रिय पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल हो चुका है। राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित यह विशाल सफारी परिसर 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में बाघ, शेर, भालू, हिरण सहित अनेक वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिलता है। वर्ष 2025-26 में यहां 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटक पहुंचे, जो इसकी लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
👉 हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Nandanvan Jungle Safari: मिनी जू से आधुनिक सफारी तक का सफर
Nandanvan Jungle Safari की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में नंदनवन मिनी जू के रूप में हुई थी। इसे वन्यजीवों के रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र के रूप में विकसित किया गया था।
वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) ने इसे आधिकारिक रूप से मिनी जू की मान्यता दी। इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच भूमि आवंटित की गई।
1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Nandanvan Jungle Safari का उद्घाटन किया।
Nandanvan Jungle Safari के पांच प्रमुख सफारी जोन
यह जंगल सफारी पर्यटकों की सुविधा और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित की गई है।
शाकाहारी सफारी
करीब 30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
टाइगर सफारी
लगभग 20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित टाइगर सफारी में पर्यटक भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ को सुरक्षित वातावरण में देख सकते हैं।
लायन सफारी
करीब 20.01 हेक्टेयर में फैली सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है। यह पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षणों में से एक है।
भालू सफारी
लगभग 20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित भालू सफारी में प्राकृतिक परिवेश में भालुओं को देखने का अवसर मिलता है।
जू जोन
करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव संरक्षित हैं।
दुर्लभ वन्यजीवों का भी है बड़ा केंद्र
Nandanvan Jungle Safari में पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत विभिन्न चिड़ियाघरों से दुर्लभ वन्यजीव भी लाए गए हैं।
यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल तथा क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे दुर्लभ वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।
लगातार बढ़ रही है पर्यटकों की संख्या
वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप Nandanvan Jungle Safari लगातार लोकप्रिय हो रही है।
वर्ष 2018-19 में यहां 1.74 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 3.24 लाख से अधिक हो गई। यह आंकड़ा राज्य में इको-टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
पर्यावरण शिक्षा और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर
Nandanvan Jungle Safari केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि पर्यावरण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
यहां अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और पर्यटकों को जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व की जानकारी दी जाती है।
कैसे पहुंचे Nandanvan Jungle Safari?
नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) सेक्टर-39 में स्थित है।
- स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, रायपुर से दूरी: लगभग 15 किमी
- रायपुर रेलवे स्टेशन से दूरी: लगभग 35 किमी
पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना यह है कि जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
Nandanvan Jungle Safari छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। आधुनिक सफारी, दुर्लभ वन्यजीव, पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और लगातार बढ़ती पर्यटक संख्या इसे राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। यदि आप प्रकृति और वन्यजीवों के करीब रोमांचक अनुभव लेना चाहते हैं, तो Nandanvan Jungle Safari आपके लिए एक बेहतरीन पर्यटन स्थल है।
