Private Universities Bill 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से शुक्रवार को रायपुर स्थित लोकभवन में राज्य के विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े प्रावधानों और राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार पर विस्तृत चर्चा हुई।
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Private Universities Bill 2026: नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना पर मंथन
लोकभवन में आयोजित इस बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया।
चर्चा का केंद्र छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 रहा, जिसके माध्यम से राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार पर राज्यपाल का जोर
बैठक के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का विस्तार समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा संस्थानों से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा देना चाहिए।
Private Universities Bill 2026: बैठक में ये विश्वविद्यालय रहे शामिल
बैठक में राज्य के कई प्रमुख निजी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, कुलपति और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया
- श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई-दुर्ग के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा
- भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर
- कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा
- आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद एवं रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार
- अंजनेय विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल
- दावड़ा विश्वविद्यालय, रायपुर के सीईओ चिन्मय दावड़ा
- कोलंबिया विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रो. कुलाधिपति हरजीत सिंह हूरा
इन सभी प्रतिनिधियों ने राज्य में निजी विश्वविद्यालयों के विकास और उच्च शिक्षा को नई दिशा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
संशोधन विधेयक का उद्देश्य क्या है?
Private Universities Bill 2026 का उद्देश्य राज्य में नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों को अधिक प्रभावी बनाना और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा संस्थागत विकास को प्रोत्साहित करना है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि राज्य में शिक्षा का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने के लिए विश्वविद्यालयों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उच्च शिक्षा में सहयोग की संभावनाएं
बैठक के दौरान राज्यपाल और निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के बीच भविष्य में उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
Private Universities Bill 2026 को लेकर आयोजित यह बैठक छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। राज्यपाल रमेन डेका और निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के बीच हुए विचार-विमर्श से स्पष्ट है कि राज्य सरकार और शिक्षा संस्थान गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए मिलकर कार्य करना चाहते हैं। आने वाले समय में Private Universities Bill 2026 के तहत किए जाने वाले प्रावधान राज्य के विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
