Chhattisgarh UCC को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि राज्य में आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में कानून लाया जाएगा। इसी क्रम में शुक्रवार को UCC को लेकर उच्चस्तरीय समिति की पहली बैठक भी आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
Chhattisgarh UCC पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि व्यापक अध्ययन और समिति की सिफारिशों के आधार पर आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC कानून लाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सभी पक्षों से विचार-विमर्श और विस्तृत अध्ययन के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी।
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Chhattisgarh UCC को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव का बयान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि UCC कई राज्यों में लागू है और यह समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विशेषज्ञों की समिति बनाई है, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है, जबकि UCC से किसी वर्ग को नुकसान नहीं होगा।
Chhattisgarh UCC के लिए बनी पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति
राज्य सरकार ने 25 जून को सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति के गठन का आदेश जारी किया था।
समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।
समिति के सदस्य
- न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई – अध्यक्ष
- शत्रुघ्न सिंह – सदस्य
- मोहन पवार – सदस्य
- एम.के. राउत – सदस्य
- ज्योति रानी सिंह – सदस्य
यह समिति राज्य में UCC लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करेगी और सरकार को प्रारूप (Draft) सौंपेगी।
Chhattisgarh UCC के तहत किन कानूनों की होगी समीक्षा?
विवाह से लेकर उत्तराधिकार तक होगा अध्ययन
समिति राज्य में लागू विभिन्न पर्सनल लॉ का विस्तृत अध्ययन करेगी।
समीक्षा में प्रमुख विषय होंगे—
- विवाह
- तलाक
- उत्तराधिकार (Inheritance)
- भरण-पोषण
- दत्तक ग्रहण (Adoption)
- अन्य नागरिक मामलों से जुड़े कानून
समिति सभी समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार करेगी।
जनता और विशेषज्ञों से लिए जाएंगे सुझाव
राज्य सरकार ने समिति को निर्देश दिया है कि वह—
- आम नागरिकों से सुझाव ले।
- सामाजिक संगठनों से चर्चा करे।
- विधि विशेषज्ञों की राय प्राप्त करे।
- उन राज्यों का अध्ययन करे जहां UCC लागू है या इस दिशा में काम चल रहा है।
इन सभी सुझावों के आधार पर समिति Chhattisgarh UCC का विस्तृत मसौदा तैयार कर सरकार को सौंपेगी।
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Chhattisgarh UCC लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
यदि राज्य में UCC लागू होता है, तो विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, भरण-पोषण और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंधित हों।
वर्तमान में विभिन्न धार्मिक समुदाय अपने-अपने पर्सनल लॉ का पालन करते हैं। सरकार का कहना है कि UCC का उद्देश्य अलग-अलग कानूनों से उत्पन्न भेदभाव को समाप्त करना और विशेष रूप से महिलाओं को समान अधिकार सुनिश्चित करना है।
हालांकि, यह प्रक्रिया समिति की सिफारिशों, सार्वजनिक सुझावों और विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद ही पूरी होगी।
Chhattisgarh UCC को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा राज्य की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल पांच सदस्यीय समिति अध्ययन, सुझाव और मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में जुटी है। यदि प्रस्तावित विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित होता है, तो छत्तीसगढ़ समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो सकता है। सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में सभी समुदायों की राय और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
