Vande Mataram Competition का आयोजन दुर्ग स्थित सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
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Vande Mataram Competition का उद्देश्य
महाविद्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्रतियोगिता का आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और भारतीय मूल्यों के संवर्धन के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं राजकीय गीत के साथ हुआ।
जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण चंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत करती हैं और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित किया जाना चाहिए। वहीं समिति के सदस्य श्री विरेंद्र शुक्ला ने वंदे मातरम् के इतिहास और उसकी गरिमा पर प्रकाश डाला।
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Vande Mataram Competition में इन महाविद्यालयों ने लिया भाग
प्रतियोगिता में तीन शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया—
- सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, दुर्ग
- सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय
- सेठ बद्रीलाल खंडेलवाल शिक्षा महाविद्यालय
आयोजकों के अनुसार, एकल गायन प्रतियोगिता में सात प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि समूह गायन प्रतियोगिता में चार समूहों ने अपनी प्रस्तुति दी।
विजेताओं ने किया शानदार प्रदर्शन
Vande Mataram Competition के परिणामों में एकल गायन वर्ग में सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्रतिभागी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं समूह गायन प्रतियोगिता में सेठ बद्रीलाल खंडेलवाल शिक्षा महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में फरिस्ता पीटर और पुष्पांजलि हिरवानी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम में जिला शिक्षा समिति के सचिव श्री दिलीप इंगले, सदस्य श्री अनिल सुराना, महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष श्री मनोज शर्मा, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूजा मल्होत्रा, विधि महाविद्यालय के प्राचार्य श्री अखिलेश अग्रवाल, शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमाकांति सिंह, नेशनल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री सुरेंद्र राजपूत तथा भगत सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री चंद्रिका प्रसाद अग्रवाल उपस्थित रहे।
आभार प्रदर्शन श्री दिलीप इंगले ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूर्वी वर्मा ने किया, जबकि आयोजन में श्रीमती प्राची देवांगन, श्रीमती यशोनिका वर्मा, श्री राकेश दिवाकर, श्री दुर्गेश देशमुख एवं श्री भागवत देवांगन का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
Vande Mataram Competition का महत्व
इस प्रकार की सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम बनती हैं। वंदे मातरम् जैसे प्रेरणादायी गीतों के माध्यम से युवा पीढ़ी भारतीय विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ती है।
महाविद्यालय का यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है, बल्कि समाज में राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश भी प्रसारित करता है।
Vande Mataram Competition के सफल आयोजन ने यह साबित किया कि शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन के भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। दुर्ग के सेठ आर.सी.एस. कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम है।
