Dantewada में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब शहर के सामने एक नई और गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। भीषण गर्मी के बीच जिले में पेयजल संकट तेजी से गहराता जा रहा है। शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली शंखनी नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे करीब 20 हजार लोगों की पानी सप्लाई प्रभावित होने लगी है।
गर्मी के बढ़ते असर और जल स्रोतों के सूखने से लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। यदि जल्द कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में Dantewada के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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शंखनी नदी का जलस्तर क्यों घटा?
जानकारी के अनुसार शंखनी नदी पर बने एनीकेट का गेट हाल ही में खोला गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य के चलते नदी का पानी छोड़ा गया, जिसके बाद नदी का जलस्तर तेजी से नीचे आने लगा।
इसी नदी से बने इंटेक वेल के जरिए पूरे शहर में पेयजल सप्लाई होती है। जलस्तर कम होने के कारण अब इंटेक वेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इस स्थिति ने Dantewada नगर की पेयजल व्यवस्था पर सीधा असर डाला है।
Dantewada के कई वार्डों में पानी की सप्लाई प्रभावित
नगर पालिका परिषद प्रतिदिन शंखनी नदी से पानी उठाकर शहर के विभिन्न वार्डों में सप्लाई करती है। लेकिन जलस्तर गिरने के कारण अब पानी की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है।
कई वार्डों में पानी का दबाव कम हो गया है, जबकि कुछ इलाकों में समय पर पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
लोगों को हो रही परेशानी
गर्मी के मौसम में पानी की मांग सबसे ज्यादा होती है। ऐसे समय में सप्लाई प्रभावित होने से आम नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी यशवंत यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कई मोहल्लों में पानी की समस्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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नगर पालिका ने शुरू किए अस्थायी उपाय
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Dantewada नगर पालिका ने फिलहाल अस्थायी उपाय शुरू किए हैं। नगर पालिका नदी में रेत का बांध बनाकर पानी रोकने की कोशिश कर रही है ताकि इंटेक वेल में पर्याप्त पानी बना रहे।
सीएमओ श्रीनिवासन के अनुसार, फिलहाल यह व्यवस्था कुछ राहत दे रही है। लेकिन लगातार बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर के कारण यह समाधान लंबे समय तक प्रभावी नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका लगातार हालात की निगरानी कर रही है और नागरिकों को परेशानी न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
भीषण गर्मी ने बढ़ाई Dantewada की परेशानी
इस साल Dantewada में भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।
भीषण गर्मी के कारण छोटे जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। शंखनी नदी पर निर्भर हजारों लोगों के लिए यह स्थिति गंभीर संकेत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जल संरक्षण और वैकल्पिक जल स्रोतों की व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में संकट और गहरा सकता है।
Dantewada में जल संरक्षण की जरूरत
स्थायी समाधान क्यों जरूरी?
फिलहाल नगर पालिका द्वारा किए जा रहे उपाय अस्थायी हैं। लेकिन तेजी से बढ़ते तापमान और कम होती बारिश की वजह से भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि:
- वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं
- जल संरक्षण अभियान चलाया जाए
- वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाए
- नदी और तालाबों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए
जल संकट से निपटने के लिए जरूरी कदम
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल अस्थायी बांध बनाना पर्याप्त नहीं होगा। लंबे समय तक राहत के लिए व्यापक जल प्रबंधन योजना बनानी होगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
Dantewada के लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में पानी की किल्लत ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। कई परिवारों को पानी भरने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।
लोगों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान निकालने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा पैदा न हो।
Dantewada में शंखनी नदी का घटता जलस्तर अब बड़े जल संकट का संकेत बनता जा रहा है। करीब 20 हजार लोगों की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है और कई वार्डों में पानी की समस्या सामने आने लगी है।
नगर पालिका फिलहाल अस्थायी उपाय कर रही है, लेकिन स्थायी समाधान के बिना आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। जल संरक्षण, वैकल्पिक जल स्रोत और बेहतर जल प्रबंधन ही इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता बन सकते हैं।
