World Environment Day 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे तो वन संपदा भी सुरक्षित रहेगी और यदि वृक्षों का संरक्षण होगा तो जल संरक्षण स्वतः मजबूत होगा।
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World Environment Day 2026 पर जल संरक्षण का विशेष संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के कारण जल संकट की समस्या लगातार बढ़ रही है। कई क्षेत्रों में जल स्रोत तेजी से कम हो रहे हैं, जिससे भविष्य में गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षा जल संचयन, तालाबों का संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल का विवेकपूर्ण उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यदि समाज सामूहिक रूप से इन प्रयासों में भागीदारी करे तो आने वाले समय में जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
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World Environment Day 2026 और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से केंद्र सरकार के लोकप्रिय अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में निवेश है। पेड़-पौधे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और भूजल स्तर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वृक्षारोपण क्यों है जरूरी?
- वायु प्रदूषण कम करने में मदद
- भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक
- जैव विविधता का संरक्षण
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना
- तापमान नियंत्रण में योगदान
लोक भवन और नया रायपुर में होगा वृक्षारोपण
World Environment Day 2026 पर विशेष कार्यक्रम
राज्यपाल श्री रमेन डेका विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित लोक भवन और नया रायपुर में निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण करेंगे।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप देना आवश्यक है ताकि हर नागरिक पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सके।
राज्यपाल ने लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएं, जल बचाएं और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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लोक भवन कर्मचारियों को पौधों का वितरण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट किए। उन्होंने कर्मचारियों को अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सभी कर्मचारियों के लिए निशुल्क पौधों के वितरण की विशेष व्यवस्था भी की गई। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी की अहम भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
छोटे-छोटे प्रयास जैसे—
- एक पौधा लगाना
- प्लास्टिक का कम उपयोग करना
- जल की बचत करना
- स्वच्छता बनाए रखना
- वर्षा जल संचयन अपनाना
बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं।
जल और जंगल का संबंध
राज्यपाल ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जल और जंगल का गहरा संबंध है। जंगलों की कटाई से जल स्रोत प्रभावित होते हैं और जल स्रोतों के खत्म होने से वन संपदा पर भी खतरा बढ़ता है। इसलिए दोनों का संरक्षण समान रूप से आवश्यक है।
World Environment Day 2026 हमें यह संदेश देता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राज्यपाल रमेन डेका का जल संरक्षण, वृक्षारोपण और जनभागीदारी का संदेश आने वाले समय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समाज मिलकर जल बचाने, पेड़ लगाने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने का संकल्प ले, तो एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य का निर्माण संभव है। World Environment Day 2026 पर लिया गया यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत साबित हो सकता है।
