Utai BJP पार्षद पर बड़ा आरोप: 3 गांवों में अवैध मुरूम खनन! JCB-हाईवा मौके पर पकड़ाई — खनिज विभाग पर भी उठे सवाल

Utai BJP से जुड़े एक बड़े नाम पर दुर्ग जिले में अवैध मुरूम खनन का गंभीर आरोप सामने आया है। उतई नगर पंचायत के वार्ड 05 के BJP पार्षद सतीश चंद्राकर, जो कि उतई मंडल भाजपा के कोषाध्यक्ष भी हैं, पर यह आरोप लगाया गया है।

मौके पर पहुँचे हमारे प्रतिनिधि को खनन स्थल पर खड़ी JCB और हाईवा पर सतीश चंद्राकर का नाम अंकित मिला। यह सबूत उनकी इस अवैध गतिविधि में संलिप्तता की ओर सीधा इशारा करते हैं।

यह मामला दुर्ग जिले में अवैध खनन की उस बड़ी समस्या की एक झलक है, जिसमें सत्ताधारी दल के नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगातार लग रहे हैं।


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दुर्ग जिले के किन गांवों में चल रहा है खनन माफिया?

पाटन ब्लॉक के ये गांव बने खनन माफिया का अड्डा

दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में अवैध मुरूम उत्खनन का यह खेल कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से यहाँ मुरूम माफिया सक्रिय है।

प्रभावित गांवों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

क्र.गांव का नामस्थिति
1परेवाडीहसक्रिय खनन क्षेत्र
2महकाखुर्दसक्रिय खनन क्षेत्र
3महकाकलासक्रिय खनन क्षेत्र
4परेवाडीह खार क्षेत्रदर्जनों गांव प्रभावित

इन क्षेत्रों में प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के माध्यम से बिना किसी परिवहन पास के मुरूम की ढुलाई की जा रही है। इससे शासन को रोजाना लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।


Utai BJP कोषाध्यक्ष सतीश चंद्राकर का नाम कैसे आया सामने?

मजदूर की गवाही ने खोला राज

इस पूरे मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब खदान में कार्यरत एक मजदूर ने हमारे प्रतिनिधि को Utai BJP पार्षद सतीश चंद्राकर का नाम बताया।

मजदूर ने बताया कि खनन स्थल पर काम करने वाली JCB मशीन और हाईवा वाहन सतीश चंद्राकर के हैं। यह जानकारी मिलते ही मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।

सतीश चंद्राकर न केवल Utai BJP मंडल के कोषाध्यक्ष हैं, बल्कि उतई नगर पंचायत के वार्ड 05 के पार्षद भी हैं। राजनीतिक रसूख के कारण ही यह अवैध उत्खनन लंबे समय से बेरोकटोक जारी है, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है।


मौके पर मिले JCB और हाईवा — सबूत क्या कहते हैं?

खनन स्थल पर मिले ठोस सबूत

हमारे प्रतिनिधि जब खनन स्थल पर पहुँचे, तो उन्होंने पाया कि वहाँ JCB मशीन और हाईवा वाहन सक्रिय रूप से मुरूम की खुदाई और ढुलाई में लगे हुए थे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इन वाहनों पर Utai BJP पार्षद सतीश चंद्राकर का नाम स्पष्ट रूप से अंकित था। यह सबूत उनकी इस अवैध कारोबार में प्रत्यक्ष संलिप्तता को उजागर करता है।

खनन स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने भी स्वीकार किया कि यहाँ बिना किसी सरकारी अनुमति या खनन पट्टे के धड़ल्ले से मुरूम निकाली जा रही है।


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Utai BJP नेता का सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा?

शासकीय जमीन पर बना रखा है अपना दफ्तर

मामला केवल अवैध मुरूम खनन तक ही सीमित नहीं है। आरोप है कि Utai BJP के इस पार्षद ने उतई-दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर शासकीय जमीन पर कब्जा कर अपना निजी कार्यालय भी बना रखा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानो सरकारी जमीनें इनकी “पुरखौती संपत्ति” हो। इतने बड़े अतिक्रमण के बावजूद प्रशासन की आँखें बंद हैं।

यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण न केवल अवैध खनन, बल्कि सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण भी बेरोकटोक जारी है।


खनिज विभाग की निष्क्रियता — सैकड़ों शिकायतें, शून्य कार्रवाई

जिम्मेदार विभाग कर रहा है अनदेखी

दुर्ग जिले में अवैध मुरूम खनन की सैकड़ों शिकायतें खनिज विभाग को दी जा चुकी हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी अभी तक मौके पर पहुँचकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि यह सारा खेल राजनीतिक दबाव और अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। यही कारण है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।

खनिज विभाग की इस निष्क्रियता के चलते अवैध उत्खनन और परिवहन का यह कारोबार दिनोंदिन फलता-फूलता जा रहा है और सरकार का खजाना खाली होता जा रहा है।


सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर उठे सवाल

कागजों में जीरो टॉलरेंस, जमीन पर जीरो कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार ने अवैध खनन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का बार-बार दावा किया है। लेकिन दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में Utai BJP नेताओं की संलिप्तता वाला यह मामला सरकार के इन दावों की पोल खोलता है।

जब सत्ताधारी दल के ही नेता और पदाधिकारी इस अवैध कारोबार में शामिल हों, तो कार्रवाई की उम्मीद कितनी बेमानी हो जाती है, यह इस पूरे प्रकरण से स्पष्ट है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कब ठोस कार्रवाई करता है, या राजनीतिक दबाव में मामले को कुछ दिन दबाकर फिर से मुरूम चोरी का खेल शुरू हो जाता है।


क्या होनी चाहिए कार्रवाई?

वाहन जप्ती और राजसात ही है एकमात्र समाधान

विशेषज्ञों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि अवैध उत्खनन पर तब तक रोक नहीं लगाई जा सकती, जब तक:

  • खनन में लगे JCB सहित सभी वाहनों को तत्काल जप्त न किया जाए।
  • जप्त वाहनों को राजसात (Government Confiscation) की कार्रवाई न की जाए।
  • Utai BJP सहित सत्ता दल से जुड़े लोगों को किसी भी अवैध कार्य की खुली छूट न दी जाए।
  • संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सरकार को चाहिए कि वह अपने ही दल के नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करे और यह संदेश दे कि कानून सबके लिए समान है।

Utai BJP पार्षद सतीश चंद्राकर पर लगे अवैध मुरूम खनन के आरोप दुर्ग जिले की उस दुखद सच्चाई को सामने लाते हैं, जहाँ राजनीतिक संरक्षण में खनन माफिया निर्भीक होकर सरकारी खजाने को लूट रहा है।

Utai BJP के ही कोषाध्यक्ष पर यह आरोप पार्टी के लिए भी शर्मनाक है। JCB और हाईवा पर नाम, मजदूरों की गवाही और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण — ये सभी सबूत प्रशासन से तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग करते हैं।

अब गेंद प्रशासन के पाले में है। क्या दुर्ग जिला प्रशासन और खनिज विभाग Utai BJP नेताओं की इस कथित लूट पर अंकुश लगाने में सक्षम होगा, यही सवाल आज पूरे क्षेत्र में गूँज रहा है।

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