Skip to main content

4thnation

रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर, 03 अगस्त 2025 – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से जबलपुर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी अब और सुगम हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नई रेलसेवा तीन राज्यों — छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश — को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण परिवहन साधन बनेगी।

मुख्य समारोह में वर्चुअल रूप से शामिल हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक अवसर की सराहना की। इस मौके पर रीवा-पुणे एक्सप्रेस और भावनगर-अयोध्या एक्सप्रेस जैसी अन्य ट्रेनों की शुरुआत भी की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के माध्यम से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 21 गुना बढ़कर 6900 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।

उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। इस सेवा के ज़रिए डोंगरगढ़, बालाघाट, भेड़ाघाट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक व पर्यटन स्थलों की सीधी पहुंच आसान हो जाएगी।

डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि यह ट्रेन रायपुर से जबलपुर तक की 410 किमी की दूरी केवल 8 घंटे में तय करेगी, जिससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बहुत सुविधा होगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन नंबर 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे रवाना होगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुँचेगी। वापसी में, ट्रेन नंबर 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे रवाना होकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुँचेगी। इस ट्रेन में 15 कोच होंगे, जिनमें एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, पावर कार और एसएलआरडी कोच शामिल हैं।

इस नई रेल सेवा के माध्यम से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। यह पहल रेलवे नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।