Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill को छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना, अनावश्यक अनुपालन (Compliance) को कम करना और सरकारी मंजूरियों को समयबद्ध बनाना है। यदि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ इस प्रकार का विशेष कानून लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है।
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Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill क्या है?
Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill का उद्देश्य राज्य में उद्योगों की स्थापना और संचालन के लिए पारदर्शी, तकनीक आधारित और निवेशक-अनुकूल व्यवस्था तैयार करना है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस प्रस्तावित कानून से उद्योगों को विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होगी। साथ ही, सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
यदि विधानसभा इस विधेयक को मंजूरी देती है, तो उद्योगों को तेज़ और सरल मंजूरी प्रणाली का लाभ मिलेगा।
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Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill के प्रमुख प्रावधान
इस विधेयक में कई महत्वपूर्ण सुधार प्रस्तावित किए गए हैं।
समयसीमा पार होने पर ‘डीम्ड परमिशन’
सबसे अहम प्रावधान Deemed Permission का है। इसके तहत यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभाग आवेदन पर निर्णय नहीं लेता, तो आवेदन को स्वीकृत (Approved) माना जाएगा।
इससे उद्योगों को लंबी प्रशासनिक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सेल्फ-सर्टिफिकेशन की सुविधा
Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill के तहत पात्र उद्योगों को Self-Certification की सुविधा दी जाएगी।
इस व्यवस्था में योग्य उद्योग स्वयं निर्धारित नियमों के पालन का प्रमाण दे सकेंगे, जिससे बार-बार निरीक्षण (Inspection) की आवश्यकता कम होगी।
थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन
विधेयक में मान्यता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से Third-Party Verification का भी प्रावधान किया गया है।
इससे निरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनने की उम्मीद है।
नियामकीय सुधारों पर सरकार का फोकस
Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill के तहत जोखिम आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है।
इस प्रणाली में केवल अधिक जोखिम वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि सामान्य मामलों में अनावश्यक निरीक्षण से बचा जाएगा।
इसके अलावा विभिन्न विभागों में मौजूद डुप्लीकेट लाइसेंसिंग की व्यवस्था को समाप्त करने का भी प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उद्योगों का समय और लागत दोनों कम होंगे।
उद्योगों, MSME और निवेशकों को होगा फायदा
राज्य सरकार का कहना है कि Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill से राज्य में निवेश का माहौल और बेहतर होगा।
सरकार को उम्मीद है कि इससे नए निवेश आकर्षित होंगे, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
यह कानून तकनीक आधारित प्रशासन, पारदर्शिता और बेहतर सार्वजनिक सेवा उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की नीति के अनुरूप तैयार किया गया है।
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आगे क्या होगा?
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill को राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।
यदि विधानसभा से इसे मंजूरी मिल जाती है, तो उद्योगों को समयबद्ध सरकारी अनुमतियां, आसान अनुपालन प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित नियामकीय ढांचा उपलब्ध होगा।
सरकार का दावा है कि इस कानून से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राज्य निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक गंतव्य बन सकेगा।
Chhattisgarh Ease of Doing Business Bill राज्य की औद्योगिक नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रस्तावित कानून के जरिए उद्योगों को समयबद्ध मंजूरी, सेल्फ-सर्टिफिकेशन, जोखिम आधारित निरीक्षण और सरल नियामकीय व्यवस्था जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। यदि यह विधेयक विधानसभा से पारित हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ उद्योगों के लिए आधुनिक और पारदर्शी कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई मिसाल कायम कर सकता है।
