Padma Awards 2026 में छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने सोमवार को देश की 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया, जिनमें दंतेवाड़ा के डॉक्टर दंपती डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और डॉ. सुनीता गोडबोले भी शामिल हैं।
आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में वर्षों से नि:शुल्क चिकित्सा सेवा देने वाले इस दंपती को उनके समर्पण और मानव सेवा के लिए देश के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है।
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पद्म पुरस्कार 2026 में छत्तीसगढ़ का बढ़ा सम्मान
Padma Awards 2026 के तहत इस वर्ष देशभर की कुल 131 हस्तियों को सम्मानित किया जाना है।
सोमवार को पहले चरण में 66 लोगों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। बाकी 65 विजेताओं को अगले चरण में सम्मान मिलेगा, हालांकि इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़ के लिए खास बात यह रही कि दंतेवाड़ा के डॉक्टर दंपती को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
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कौन हैं डॉ. रामचंद्र और डॉ. सुनीता गोडबोले
Dr. Ramchandra Tryambak Godbole और Dr. Sunita Godbole मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले हैं।
दोनों 1990 में दंतेवाड़ा के बारसूर क्षेत्र में आकर बस गए थे। तब से वे दक्षिण बस्तर, बीजापुर और सुकमा के आदिवासी समुदायों की सेवा में जुटे हुए हैं।
स्थानीय लोग उन्हें प्यार से “डॉक्टर भैया” और “भाभी” कहकर बुलाते हैं।
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Padma Awards 2026 में सेवा को मिली पहचान
Padma Awards 2026 में गोडबोले दंपती को सम्मानित किया जाना उनके दशकों लंबे सामाजिक और चिकित्सा कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना माना जा रहा है।
दोनों डॉक्टर अब तक 1 लाख से अधिक मरीजों का नि:शुल्क इलाज कर चुके हैं।
वे दूरदराज के गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाते हैं और लगातार मरीजों का फॉलो-अप भी करते हैं।
35 साल से आदिवासी इलाकों में नि:शुल्क सेवा
गोडबोले दंपती पिछले 35 वर्षों से आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।
वे MAAS योजना के तहत बच्चों को कुपोषण और एनीमिया से बचाने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं।
इसके अलावा आदिवासी महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा देने का काम भी कर रहे हैं।
“हर आदिवासी मेरे लिए भगवान” – डॉ. रामचंद्र
Dr. Ramchandra Tryambak Godbole ने कहा कि उनके सामने बैठा हर आदिवासी व्यक्ति उनके लिए भगवान के समान है।
उनकी इसी सोच और सेवा भावना ने उन्हें बस्तर के लोगों के बीच खास पहचान दिलाई है।
डॉ. सुनीता गोडबोले भी महिलाओं के संगठन और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने गोडबोले दंपती को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा दिया गया यह सम्मान जनसेवा, समर्पण और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलने का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।
अगले चरण में बुधरी ताती को मिलेगा सम्मान
जानकारी के अनुसार अगले चरण में दंतेवाड़ा की समाजसेवी Budhri Tati को भी पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा।
वे लंबे समय से समाज सेवा और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं।
इससे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगा।
पद्म पुरस्कार की तीन प्रमुख श्रेणियां
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं।
- पद्म श्री
- पद्म भूषण
- पद्म विभूषण
ये सम्मान कला, समाज सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, विज्ञान, खेल, साहित्य और सार्वजनिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं।
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Padma Awards 2026 का छत्तीसगढ़ पर प्रभाव
Padma Awards 2026 में छत्तीसगढ़ के डॉक्टर दंपती को मिला सम्मान राज्य के स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में काम करने वाले अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
यह सम्मान यह भी दिखाता है कि समर्पण और सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
Padma Awards 2026 में डॉ. रामचंद्र और डॉ. सुनीता गोडबोले को मिला सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
दशकों से आदिवासी क्षेत्रों में नि:स्वार्थ सेवा कर रहे इस दंपती ने यह साबित किया है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
