NEET 2026 Exam Permission मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद 21 वर्षीय छात्र को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि अदालत ने उसे अस्थायी जमानत देने के बजाय पुलिस सुरक्षा में परीक्षा दिलाने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश Ramesh Sinha की अध्यक्षता वाली पीठ ने 17 जून को यह आदेश पारित किया।
अदालत ने रायपुर जिला पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्र निर्धारित तिथि पर परीक्षा केंद्र पहुंच सके।
कोर्ट ने यह भी कहा कि परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद छात्र को वापस जेल लाया जाएगा।
NEET 2026 Exam Permission मामला क्या है?
यह मामला रायपुर के रहने वाले 21 वर्षीय कुनाल तरुणाकर से जुड़ा है, जो वर्तमान में आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में जेल में बंद है।
कुनाल ने अदालत में याचिका दाखिल कर 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-2026 परीक्षा में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत की मांग की थी।
उनके वकील ने मामले की तात्कालिकता को देखते हुए शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया था।
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छात्र पर क्या हैं आरोप?
युवती की आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, रायपुर के शिवानंद नगर क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती ने 20 अप्रैल को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
युवती भी NEET की तैयारी कर रही थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन और सात पृष्ठों की डायरी मिली।
जांच में कथित रूप से ऐसे संकेत मिले कि आरोपी छात्र युवती पर मिलने का दबाव बनाता था और उसके साथ दुर्व्यवहार करता था।
इसके बाद 29 मई को छात्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।
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NEET 2026 Exam Permission पर कोर्ट की टिप्पणी
जमानत नहीं, पुलिस निगरानी में परीक्षा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि छात्र के परीक्षा में शामिल होने पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि मामला गंभीर है क्योंकि आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने अस्थायी जमानत देने से इनकार कर दिया, लेकिन न्याय के हित में छात्र को पुलिस निगरानी में परीक्षा देने की अनुमति दे दी।
शिक्षा के अधिकार को भी महत्व
NEET 2026 Exam Permission मामले में अदालत ने शिक्षा और भविष्य के अवसरों को भी ध्यान में रखा।
कोर्ट का मानना था कि केवल आरोपित होने के आधार पर छात्र को परीक्षा देने के अवसर से वंचित करना उचित नहीं होगा, जबकि मामला अभी विचाराधीन है।
पढ़ाई के लिए भी मिली राहत
जेल प्रशासन को दिए गए विशेष निर्देश
NEET 2026 Exam Permission आदेश में अदालत ने जेल प्रशासन को छात्र को आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
इससे छात्र परीक्षा की तैयारी जारी रख सकेगा और उसे अध्ययन के लिए जरूरी संसाधन मिल सकेंगे।
यह निर्देश इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है क्योंकि इससे परीक्षा से पहले तैयारी का अवसर सुनिश्चित होगा।
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आगे क्या होगा?
अब रायपुर पुलिस और जेल प्रशासन परीक्षा दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
छात्र को पुलिस अभिरक्षा में परीक्षा केंद्र ले जाया जाएगा और परीक्षा पूरी होने के बाद उसे पुनः जेल में वापस लाया जाएगा।
मामले की आपराधिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग से जारी रहेगी।
NEET 2026 Exam Permission मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला शिक्षा और न्याय के संतुलन का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। अदालत ने गंभीर आरोपों को देखते हुए जमानत नहीं दी, लेकिन छात्र के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे पुलिस सुरक्षा में परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की। साथ ही अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश देकर कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया कि NEET 2026 Exam Permission केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि छात्र को तैयारी का उचित अवसर भी मिले।
