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Nalanda Parisar Chhattisgarh: 38 परिसरों पर बड़ा फैसला

Nalanda Parisar Chhattisgarh को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के नए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यभार संभालने के अगले ही दिन 20 अगस्त 2026 को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, नालंदा परिसर और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

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Nalanda Parisar Chhattisgarh पर निर्माण तेज करने के निर्देश

राज्य शासन की महत्वाकांक्षी नालंदा परिसर-सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन योजना के तहत विभिन्न नगरीय निकायों में 38 नालंदा परिसरों का निर्माण चल रहा है।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने इन सभी निर्माणाधीन परिसरों का सतत निरीक्षण करने और काम समय-सीमा में पूरा कराने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को सुविधाओं के लिए इंतजार न करना पड़े।

Nalanda Parisar Chhattisgarh में लाइब्रेरी सुविधाएं भी तैयार होंगी

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि भवन निर्माण पूरा होने तक पुस्तकें, कंप्यूटर, लाइब्रेरी से जुड़ी सामग्री, लाइब्रेरियन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित कर ली जाएं।

इसका उद्देश्य यह है कि परिसर का निर्माण पूरा होते ही विद्यार्थियों को पढ़ाई और अध्ययन के लिए लाइब्रेरी तथा रीडिंग जोन की सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

नालंदा परिसर को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाने के लिए केवल भवन निर्माण पर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।

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पीएम आवास और अमृत मिशन की भी समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत और पूर्ण आवासों की घटकवार प्रगति की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने निर्माण की स्थिति, निर्धारित लक्ष्य और बाकी कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

उन्होंने पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ देने के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। अधूरे कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

वहीं अमृत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की समीक्षा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि सिर्फ कार्यालयी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय नियमित रूप से मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति जांचें।

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर सख्ती

Nalanda Parisar Chhattisgarh के साथ बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने शहरों में स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। निकायों में चार डस्टबिन व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से लागू करने और नागरिकों को इसके प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

बाजारों में नियमित सफाई जरूरी

प्रमुख सचिव ने प्रमुख बाजारों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल किसी अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए ऐसी सतत व्यवस्था विकसित होनी चाहिए, जिसका सकारात्मक असर शहरों में जमीन पर दिखाई दे।

रोजाना वार्ड भ्रमण के निर्देश

प्रमुख सचिव ने सभी नगर निगम आयुक्तों और नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपनी टीम के साथ रोजाना वार्ड भ्रमण करने के निर्देश दिए।

अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन आयुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ भ्रमण के दौरान कार्यों की स्थिति देखने और विभागीय व्हाट्सऐप ग्रुप में तस्वीरें साझा करने को कहा गया।

इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी स्थिति की नियमित निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

पर्यटन स्थलों पर मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं

बैठक में नगरीय क्षेत्रों के पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले स्थलों पर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

प्रमुख सचिव ने रायपुर नगर निगम आयुक्त को शहर के पर्यटन स्थलों को चिन्हांकित कर वहां शुद्ध पेयजल, सुविधाजनक शौचालय, डस्टबिन और पर्याप्त सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने शहरों में अर्बन फॉरेस्ट्री के विकास और सार्वजनिक उद्यानों के पुनरोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इसके लिए पीपीपी मॉडल के जरिए फंडिंग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।

नए क्षेत्रों और हाउसिंग प्रोजेक्ट पर फोकस

नगरीय निकायों के परिसीमन के बाद शामिल हुए नए क्षेत्रों के विकास को लेकर भी निर्देश दिए गए। इन क्षेत्रों की योजनाओं में शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, शहरी हरियाली और अर्बन एग्रीकल्चर को प्राथमिकता देने को कहा गया।

इसके अलावा पहले से निर्मित हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मरम्मत, स्लम रिडेवलपमेंट और उपलब्ध EWS भूमि पर व्यवहारिक कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित करने के नए विकल्प तलाशने के निर्देश दिए गए।

प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में नए और व्यावहारिक विचारों के साथ काम करने को कहा।

शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोर

सोनमणि बोरा ने सीएम हेल्पलाइन और CPGRAMS के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का समय-सीमा के भीतर पूरी निष्ठा से निराकरण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शहरों के विकास और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वय जरूरी है। इससे जमीनी स्तर की समस्याओं और योजनाओं की वास्तविक प्रगति की जानकारी मिलती रहती है।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सूडा तथा रायपुर और बिरगांव नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नगरीय प्रशासन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग पर देखी जा सकती है। राज्य की सरकारी योजनाओं और फैसलों की जानकारी छत्तीसगढ़ सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।

Nalanda Parisar Chhattisgarh के तहत 38 निर्माणाधीन परिसरों को समय पर पूरा कराने का निर्देश विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि पुस्तकें, कंप्यूटर और लाइब्रेरियन जैसी सुविधाएं भी समय पर तैयार करने पर जोर दिया है। साथ ही पीएम आवास, अमृत मिशन, स्वच्छता, पर्यटन स्थल, शहरी हरियाली और नए क्षेत्रों के विकास की भी समीक्षा की गई। रोजाना वार्ड भ्रमण और जमीनी निगरानी के निर्देशों से नगरीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।

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