रायपुर, 28 जुलाई 2026। Muskurata Bastar अभियान के तहत छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्टून और कैरिकेचर कला के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति, पर्यटन, लोकजीवन और सकारात्मक विकास को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करना है।
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Muskurata Bastar थीम पर होगी विशेष कार्टून कार्यशाला
Muskurata Bastar थीम पर आयोजित इस विशेष कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच के माध्यम से बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और जनजीवन को चित्रों में उकेरने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कार्यशाला का उद्देश्य केवल चित्र बनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है।
Muskurata Bastar के जरिए बस्तर की सकारात्मक पहचान को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। Muskurata Bastar अभियान इसी सकारात्मक बदलाव को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाने का प्रयास है।
बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा और अन्य लोकपर्व इसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के प्रमुख प्रतीक हैं।
वरिष्ठ कार्टूनिस्ट देंगे लाइव डेमो
Muskurata Bastar कार्यशाला में देश के प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट और कैरिकेचर कलाकार विद्यार्थियों को लाइव प्रशिक्षण देंगे।
इस अवसर पर—
- दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी ऑन-द-स्पॉट कार्टून बनाने की तकनीक सिखाएंगे।
- पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देंगे।
विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए आयामों से भी परिचित कराया जाएगा।
Muskurata Bastar अभियान का उद्देश्य
कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा के अनुसार Muskurata Bastar थीम का उद्देश्य बस्तर की सकारात्मक छवि को कार्टून कला के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना है।
कार्यशाला के जरिए विद्यार्थियों को यह समझाया जाएगा कि कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश, सांस्कृतिक संरक्षण और जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम भी है।
विद्यार्थियों को मिलेंगे रचनात्मक और रोजगार के अवसर
इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पहलुओं की भी जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ बताएंगे कि आधुनिक दौर में कार्टूनिंग, इलस्ट्रेशन, डिजिटल आर्ट, एनीमेशन और कैरिकेचर जैसे क्षेत्रों में करियर की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
इस पहल से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा और वे भविष्य में इस क्षेत्र को करियर के रूप में भी अपना सकेंगे।
बस्तर की संस्कृति को मिलेगी नई अभिव्यक्ति
Muskurata Bastar अभियान नई पीढ़ी को अपनी जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।
कार्टून कला के माध्यम से बस्तर की सकारात्मक छवि देशभर में पहुंचेगी, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति को भी नई पहचान मिलेगी।
Muskurata Bastar केवल एक कार्टून कार्यशाला नहीं, बल्कि बस्तर की बदलती पहचान, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। जगदलपुर में आयोजित यह कार्यशाला विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति पर गर्व करने और कला के माध्यम से समाज से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। आने वाले समय में Muskurata Bastar अभियान बस्तर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
