Kanker Bear Attack ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दहशत फैला दी है। जिले के नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकटोला गांव में बुधवार दोपहर खेत में काम कर रहे तीन भाई-बहनों पर जंगली मादा भालू ने हमला कर दिया। इस दर्दनाक हमले में एक भाई और उसकी बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है और वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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Kanker Bear Attack: खेत में काम कर रहे भाई-बहनों पर हमला
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह घटना नरहरपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लारगांव मरकटोला गांव में हुई।
हमले में 38 वर्षीय हलाल खोर जुर्री और उनकी 40 वर्षीय बहन चमरीन बाई की मौत हो गई। वहीं उनकी 30 वर्षीय बहन खोरिन बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायल महिला को तत्काल कांकेर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मादा भालू के आक्रामक होने की बताई जा रही वजह
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिस मादा भालू ने हमला किया, उसका एक शावक मंगलवार को मर गया था।
ग्रामीणों का दावा है कि शावक की मौत के बाद से मादा भालू असामान्य रूप से आक्रामक हो गई थी। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वन अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और भालू के व्यवहार का भी अध्ययन किया जाएगा।
Kanker Bear Attack के बाद भी शवों के पास डटी रही भालू
घटना का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि हमला करने के बाद भी मादा भालू घटनास्थल से नहीं गई।
ग्रामीणों के अनुसार, वह मृतकों के शवों के पास काफी देर तक मौजूद रही और उन पर हमला करती रही। इस कारण ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी भी तुरंत शवों के पास नहीं पहुंच सके।
घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें भालू को शवों के आसपास घूमते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ग्रामीणों को जंगल और खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी है। वन विभाग की टीम भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके।
विधायक आशाराम नेताम ने किया घटनास्थल का दौरा
कांकेर विधायक आशाराम नेताम घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि जब वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब भी मादा भालू मृतकों के शवों के आसपास मौजूद थी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि जब तक वन विभाग स्थिति पूरी तरह सुरक्षित घोषित न करे, तब तक प्रभावित क्षेत्र में न जाएं।
ग्रामीणों के लिए वन विभाग की सलाह
Kanker Bear Attack के बाद वन विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
- जंगल या खेतों में अकेले न जाएं।
- सुबह और शाम के समय विशेष सतर्क रहें।
- जंगली जानवर दिखाई देने पर उसके पास न जाएं।
- तुरंत वन विभाग को सूचना दें।
- बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर न भेजें।
Kanker Bear Attack ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर किया है। दो लोगों की दर्दनाक मौत और एक महिला के घायल होने की यह घटना बेहद दुखद है। वन विभाग फिलहाल पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा रहा है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन्यजीव प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी होगा।
