Durg Women Commission की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने 23 सितंबर 2026 को दुर्ग में महिलाओं से जुड़े मामलों की जनसुनवाई करने के साथ सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने सेंटर में महिलाओं और बालिकाओं को मिल रही आश्रय, परामर्श, चिकित्सा, पुलिस सहायता और विधिक सेवाओं की जानकारी ली।
केंद्र और राज्य की महिला सुरक्षा व्यवस्था में One Stop Centre महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र सरकार के अनुसार इन केंद्रों में अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता, पुलिस सहायता और काउंसलिंग जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
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Durg Women Commission ने सखी सेंटर का लिया जायजा
डॉ. ममता साहू ने सखी वन स्टॉप सेंटर, दुर्ग की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि संकटग्रस्त महिलाओं और बालिकाओं को जरूरत के अनुसार जल्द, संवेदनशील और समुचित सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने सेंटर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। One Stop Centre का उद्देश्य हिंसा या संकट से प्रभावित महिलाओं को विभिन्न जरूरी सेवाओं तक एकीकृत पहुंच उपलब्ध कराना है।
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पांडेय, राज्य महिला आयोग की सहायक संचालक श्रीमती पुष्पा कुजूर, केंद्र प्रशासक श्रीमती अवंती साहू, परामर्शदाता श्रीमती कविता डोरले, संरक्षण अधिकारी सुश्री प्रीतिबाला शर्मा, केस वर्कर श्रीमती हेमलता वर्मा और पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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Durg Women Commission की जनसुनवाई में 25 मामलों पर सुनवाई
इसके बाद प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय में महिलाओं से संबंधित मामलों की जनसुनवाई हुई। इस दौरान कुल 33 प्रकरण सूचीबद्ध थे, जिनमें से 25 प्रकरणों की सुनवाई की गई और 7 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।
यह छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की प्रदेश स्तर पर आठवीं तथा दुर्ग जिले में दूसरी जनसुनवाई थी। आयोग ने अलग-अलग मामलों की प्रकृति को देखते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भूमि रजिस्ट्री मामले में चार महीने की समयसीमा
एक मामले में आवेदिका ने शिकायत की कि भूमि की रजिस्ट्री उसके नाम पर नहीं की जा रही है। अनावेदक की ओर से बताया गया कि ग्राम उमरपोटी में फिलहाल रजिस्ट्री प्रक्रिया बंद है और करीब तीन महीने बाद प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
आयोग ने अनावेदक को चार महीने के भीतर आवेदिका के नाम भूमि की रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई।
घरेलू हिंसा और आर्थिक सहायता के मामलों में निर्देश
एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उसे पिछले दो महीनों से आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है और बेटी की ट्यूशन व स्कूल फीस का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। अनावेदक के एनटीपीसी दिल्ली में कार्यरत होने की जानकारी के आधार पर संबंधित संस्था को प्रकरण की जानकारी भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में महिला ने पति द्वारा दूसरी शादी किए जाने तथा गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की। आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी को प्रकरण दर्ज कर घरेलू घटना रिपोर्ट तैयार करने और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
समझौते से नस्तीबद्ध हुआ एक प्रकरण
सास-बहू के बीच मानसिक प्रताड़ना से जुड़े एक मामले में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया। इसके बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
एक अन्य मामले में अनावेदक ने आवेदिका को 2,500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने पर सहमति जताई। यह राशि हर महीने आवेदिका के खाते में UPI के माध्यम से जमा की जाएगी।
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Durg Women Commission ने त्वरित कार्रवाई पर दिया जोर
एम.बी.एस. की छात्राओं द्वारा चिकित्सक के खिलाफ की गई शिकायत के एक मामले में आवेदिकाओं ने आगे कार्रवाई नहीं चाहने संबंधी आवेदन दिया। इसके आधार पर प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
वहीं, एक मामले में नोटिस तामील होने के बावजूद अनावेदक उपस्थित नहीं हुआ। आवेदिका की शिकायत के आधार पर प्रकरण को आवश्यक कार्रवाई के लिए सीएसपी दुर्ग को भेजने के निर्देश दिए गए।
आवेदिका ने बताया कि संबंधित अनावेदकगण को 1 करोड़ 80 लाख रुपये का मुआवजा प्राप्त हुआ है और वह अपने हिस्से की राशि चाहती है। आयोग ने मामले के निराकरण के बाद जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
23 सितंबर की कार्रवाई में Durg Women Commission ने सखी वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ महिलाओं से जुड़े 25 मामलों की सुनवाई की। आयोग ने विभिन्न मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई और सखी सेंटर निरीक्षण का मुख्य फोकस महिलाओं को उपलब्ध सहायता को प्रभावी, त्वरित और संवेदनशील बनाना रहा।
