Investment Fraud Durg मामले में जामुल थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर करीब 40 लाख रुपये की ठगी करने वाले दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले एक महीने से फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
दुर्ग में निवेश के नाम पर 40 लाख की ठगी
जामुल थाना क्षेत्र में सामने आए Investment Fraud Durg मामले में आरोपी पवन हरिहर सिंह और उसकी पत्नी पिंकी सिंह ने खुद को फाइनेंशियल कंसलटेंट बताकर लोगों का विश्वास जीता। उन्होंने निवेशकों को कम समय में अधिक लाभ का लालच दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फातिमा अहमद उर्फ स्वाती से संपर्क किया और एक कंपनी में निवेश करने पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाया। शुरुआती निवेश पर कुछ लाभ मिलने के बाद महिला का विश्वास और बढ़ गया।
इसके बाद आरोपियों ने महिला को अधिक धन निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसी दौरान उन्होंने करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली और बाद में फरार हो गए।
यह भी पढ़ें: CBSE Class 9 Books Crisis: किताबों की कमी से बढ़ी विद्यार्थियों की परेशानी
Investment Fraud Durg में कैसे फंसी महिला?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निवेश के नाम पर भरोसा कायम करने की रणनीति अपनाई थी। पहले छोटे निवेश पर लाभ दिखाकर निवेशकों को विश्वास में लिया गया।
जब फातिमा अहमद को भरोसा हो गया कि निवेश सुरक्षित है, तब उन्होंने बड़ी रकम निवेश की। आरोपियों ने इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए लाखों रुपये हड़प लिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में निवेश से पहले कंपनी और सलाहकार की पूरी जानकारी जांचना बेहद जरूरी होता है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
15 लाख के गहने भी रखे गिरवी
सहेली को भी बनाया शिकार
Investment Fraud Durg मामले में केवल नकदी की ठगी ही नहीं हुई, बल्कि पीड़िता की एक सहेली को भी झांसे में लिया गया।
आरोपियों ने वित्तीय व्यवस्था और निवेश के नाम पर महिला से सोने के आभूषण प्राप्त किए। बाद में उन आभूषणों को भिलाई के पावर हाउस चौक स्थित IIFL Gold Finance में अपने नाम पर गिरवी रख दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने इन गहनों के बदले करीब 15 लाख रुपये प्राप्त किए। इस तरह कुल धोखाधड़ी की राशि लगभग 40 लाख रुपये तक पहुंच गई।
Investment Fraud Durg मामले में पुलिस की कार्रवाई
जब निवेशकों ने अपने पैसे और गहनों की जानकारी मांगी तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। कुछ समय बाद दोनों अचानक गायब हो गए।
इसके बाद फातिमा अहमद ने जामुल थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने घर लौटे हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में कबूला अपराध
सूचना के आधार पर पुलिस ने दंपति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस को आशंका है कि अन्य निवेशकों के पैसे भी इस कथित निवेश योजना में फंसे हो सकते हैं।
अन्य निवेशकों की संख्या बढ़ सकती है
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने और कितने लोगों को निवेश का झांसा देकर ठगा है। यदि नए पीड़ित सामने आते हैं तो धोखाधड़ी की रकम और बढ़ सकती है।
📢 Join 4thNation WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Investment Fraud Durg मामला एक बार फिर साबित करता है कि अधिक मुनाफे के लालच में बिना सत्यापन के निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। जामुल पुलिस ने 40 लाख रुपये की कथित ठगी करने वाले दंपति को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि जांच अभी जारी है और संभावना है कि इस Investment Fraud Durg मामले में अन्य पीड़ित भी सामने आ सकते हैं। निवेशकों को किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की पूरी जांच करनी चाहिए।
