पहली बैठक में कलेक्टर ने दिखाए सख्त तेवर, कहा रेवेन्यू जनरेशन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं

Alok 18 2
IMG 20200612 212929 942

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। पदभार ग्रहण करने के बाद कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने शुक्रवार को पहली बार राजस्व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि लोगों के प्रकरणों के निराकरण में और रेवेन्यू जेनरेशन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा पाया गया तो संबंधित पर कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि अफसरों के कामकाज की जानकारी हर हफ्ते ली जाएगी। कलेक्टर ने रेवेन्यू जेनरेशन पर फोकस रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि नजूल भूमि का चिन्हांकन सबसे अहम है। एक हफ्ते में इसकी रिपोर्ट दें। व्यक्तिगत रूप से पटवारियों के बस्ते देखें। भूस्वामी हक के संबंध में शासन ने जनहित में नीतियां तैयार की हैं। लोगों को इस संबंध में जानकारी दें। नजूल अधिकारी को सभी नगरीय निकायों में बैठक लेकर इस संबंध में अधिकतम कार्रवाई करने कहा ताकि नगरीय निकाय इसके लिए पूरी तरह कमर कस सकें। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी आश्रय योजना, रियायती और गैर रियायती पट्टों के संबंध में कार्रवाई तेजी से करें। उन्होंने कहा कि डायवर्सन से संबंधित वसूली पूरी तत्परता से करें।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा है कि लोक सेवा गारंटी में समय सीमा से बाहर के प्रकरण नहीं होना चाहिए। इसकी नियमित समीक्षा होगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के लॉक डाउन की वजह से पेंडेंसी बढ़ गई है। एसडीएम यह देखें कि प्रकरणों का बंटवारा सभी राजस्व अधिकारियों को हो ताकि सभी प्रभावी रूप से काम हो सकें। 2 वर्ष से अधिक के प्रकरण को डेडलाइन में निराकृत करें। इसकी समीक्षा नियमित होगी।
कलेक्टर ने कहा कि डायवर्सन, आय-जाति, अविवादित नामांतरण, और सीमांकन के जितने भी मामले हैं उन्हें जल्द निराकृत करें। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण शीघ्रतापूर्वक निपटाएं। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी प्रकरणों का निपटारा प्रभावी तरीके से करें।