छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने रविवार को कांकेर जिले के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का भव्य लोकार्पण किया।
Arun Sao लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद और युवा कल्याण विभाग के मंत्री होने के साथ-साथ उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं।
लोकार्पण के बाद उन्होंने लाइब्रेरी का स्वयं अवलोकन किया और वहाँ अध्ययनरत युवाओं से सीधा संवाद कर उन्हें प्रेरित किया।
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₹43 लाख की लागत से बनी सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी
मावा मोदोल लाइब्रेरी चारामा को कुल ₹43 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया गया है।
यह लाइब्रेरी पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त है और एक साथ 75 विद्यार्थी यहाँ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
इस लाइब्रेरी की स्थापना से चारामा और आसपास के क्षेत्र के उन हजारों युवाओं को लाभ मिलेगा, जो UPSC, PSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित वातावरण की तलाश में थे।
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Arun Sao ने छात्रों से किया प्रेरणादायक संवाद
लोकार्पण के बाद Arun Sao ने लाइब्रेरी में पढ़ रहे युवा विद्यार्थियों से सीधी बात की और अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किए।
उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा:
“लगन से पढ़ाई करें, सरकार जो सुविधाएं उपलब्ध करा रही है उसका लाभ उठाएं और सफल होकर अपने देश-प्रदेश व क्षेत्र का नाम रोशन करें। देश के प्रति हमेशा निष्ठावान रहें।”
Arun Sao ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की शिक्षा नीति को मिली नई ऊंचाई
समारोह को संबोधित करते हुए Arun Sao ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार कई मोर्चों पर काम कर रही है:
- दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना
- प्रदेश में लाइब्रेरी और नालंदा परिसरों की स्थापना
- ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना
Arun Sao ने कहा कि कांकेर जिले में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कांकेर जिले में 11 तहसील मुख्यालयों में खुलेंगी लाइब्रेरियां
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जिले के सभी 11 तहसील मुख्यालयों में मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।
इसका उद्देश्य यह है कि हर क्षेत्र के बच्चे लाइब्रेरी में पढ़कर उच्च पदों पर आसीन हो सकें।
अब तक कितनी लाइब्रेरियां खुल चुकी हैं?
चारामा में खुली यह कांकेर जिले की छठी मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इससे पहले निम्नलिखित स्थानों पर निःशुल्क लाइब्रेरियां संचालित हो रही हैं:
| क्र. | स्थान |
|---|---|
| 1 | कांकेर |
| 2 | भानुप्रतापपुर |
| 3 | कोरर |
| 4 | दुर्गूकोंदल |
| 5 | अंतागढ़ |
| 6 | चारामा (नई – लोकार्पित) |
यह सभी लाइब्रेरियां निःशुल्क संचालित की जा रही हैं, जो ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी राहत है।
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Arun Sao की उपस्थिति में क्या बोले विधायक और कलेक्टर?
विधायक सावित्री मंडावी का संबोधन
स्थानीय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना से इस क्षेत्र के बच्चों को बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यहाँ अच्छी तैयारी कर बच्चे अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। यह क्षेत्र के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
कलेक्टर का विजन – हर तहसील में लाइब्रेरी
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसार ने बताया कि 11 तहसील मुख्यालयों में लाइब्रेरी खोलने का लक्ष्य इसलिए रखा गया है ताकि दूरदराज के छात्रों को भी शहर जाए बिना उच्च गुणवत्ता की पढ़ाई की सुविधा मिले।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहे उपस्थित?
इस महत्वपूर्ण लोकार्पण समारोह में कई गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे:
विशिष्ट अतिथि:
- श्रीमती शालिनी राजपूत – छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष
- श्रीमती किरण नरेटी – जिला पंचायत अध्यक्ष
अधिकारीगण:
- श्री अरुण कौशिक – नगर पालिका परिषद कांकेर अध्यक्ष
- श्री भुनेश्वर नाग – नगर पंचायत चारामा अध्यक्ष
- श्री निखिल राखेचा – पुलिस अधीक्षक
- श्री हरेश मंडावी – सीईओ, जिला पंचायत
- श्री रमेश निषाद – जिला शिक्षा अधिकारी
- महेश जैन, उमादेवी शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक, विद्यार्थी और शिक्षकगण
उप मुख्यमंत्री Arun Sao द्वारा कांकेर के चारामा में मावा मोदोल लाइब्रेरी का लोकार्पण सिर्फ एक इमारत का उद्घाटन नहीं है – यह उस सपने की शुरुआत है जो हर ग्रामीण युवा अपनी आंखों में पालता है।
₹43 लाख की लागत, 75 छात्रों की क्षमता और निःशुल्क सुविधा – यह तीनों मिलकर कांकेर जिले के युवाओं को वह मंच दे रहे हैं जिसकी उन्हें सबसे ज़्यादा जरूरत थी।
Arun Sao का यह कदम और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की शिक्षा नीति मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि छत्तीसगढ़ का हर बच्चा – चाहे वह शहर में हो या गांव में – सफलता की राह पर आगे बढ़ सके।
