Arun Sao ने कांकेर में किया ऐतिहासिक लोकार्पण – एक दिन में ₹11.21 करोड़

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने रविवार को कांकेर जिला मुख्यालय में एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों और संस्थानों का लोकार्पण कर एक ऐतिहासिक दिन की रचना की।

Arun Sao ने इस अवसर पर कहा कि कांकेर जिले के लिए आज का दिन वास्तव में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि कुल ₹11 करोड़ 21 लाख रुपये के विभिन्न निर्माण कार्यों और नवाचारों का एक ही दिन में लोकार्पण हुआ।

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार की सकारात्मक और विकासपरक सोच का परिणाम है कि जिले में इतनी बड़ी तादाद में विकास की झलकियां एक साथ देखने को मिल रही हैं।

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ट्रामा सेंटर और अतिरिक्त अस्पताल भवन – मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

Arun Sao ने कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय परिसर में आधुनिक तकनीक से लैस ट्रामा सेंटर और OPD एवं अतिरिक्त अस्पताल भवन का लोकार्पण किया।

ट्रामा सेंटर की लागत और सुविधाएं

यह ट्रामा सेंटर ₹1 करोड़ 41 लाख 35 हजार रुपये की लागत से DHS और DMF मद से स्थापित किया गया है।

यहाँ गंभीर मरीजों का उपचार उन्नत चिकित्सा पद्धति से तात्कालिक रूप से किया जा सकेगा, जिससे दूरदराज के मरीजों को रायपुर रेफर करने की ज़रूरत कम होगी।

OPD और अतिरिक्त अस्पताल भवन

DMF मद से ₹8 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से OPD एवं अतिरिक्त अस्पताल भवन का निर्माण किया गया है।

इन चिकित्सा अधोसंरचनाओं के निर्माण से कांकेर और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

Arun Sao ने लोकार्पण के बाद ट्रॉमा यूनिट में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका हालचाल भी जाना।

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कोया बाना आदिवासी संस्कृति संग्रहालय – विरासत को मिली नई पहचान

Arun Sao ने कोया बाना आदिवासी संस्कृति संवर्धन संस्थान का भी लोकार्पण किया, जो कि कचहरी परिसर स्थित मावा मोदोल कोचिंग संस्थान प्रांगण में स्थापित किया गया है।

यह संस्थान जिला खनिज न्यास निधि (DMF) मद से ₹30 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है।

कोया बाना में क्या-क्या है?

इस बहुउद्देशीय संस्थान में निम्नलिखित सुविधाएं स्थापित की गई हैं:

सुविधाविवरण
गोड़ी पाठशालाआदिवासी भाषा-संस्कृति की शिक्षा
सांस्कृतिक लाइब्रेरीआदिवासी साहित्य और दस्तावेज
आदिवासी पुरातत्व संग्रहालयप्राचीन धरोहरों का संरक्षण
रेडियो स्टूडियोयुवाओं के लिए मीडिया मंच

Arun Sao ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को आदिवासी संस्कृति और विरासत से करीब से परिचित कराने के लिए कोया बाना जैसे बहुउद्देशीय संग्रहालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक थी।


Arun Sao ने वित्तीय साक्षरता लैब का किया लोकार्पण

Arun Sao ने कांकेर प्रवास के दौरान पोस्ट ऑफिस के समीप पुराने पुत्रीशाला परिसर में वित्तीय साक्षरता लैब का भी लोकार्पण किया।

यह लैब पुराने शाला भवन का जीर्णोद्धार कर बनाई गई है और DMF मद से कुल ₹65 लाख रुपये की लागत से आधुनिकीकृत ढंग से तैयार की गई है।

वित्तीय साक्षरता लैब में क्या सीखेंगे छात्र और नागरिक?

इस लैब में विद्यार्थियों और आम नागरिकों को निम्नलिखित विषयों की जानकारी दी जाएगी:

  • वित्तीय सशक्तिकरण की समझ
  • साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूकता
  • व्यावसायिक निवेश कंपनी अधिनियम की जानकारी
  • GST, TDS और कर प्रणाली की समझ
  • शेयर मार्केट से परिचय
  • सरकारी योजनाओं और आर्थिक बजट की जानकारी
  • बैंकिंग प्रणाली और निवेश के बारे में मार्गदर्शन

यह लैब छात्रों को खेल-खेल में वित्तीय रूप से जागरूक और सशक्त बनाएगी – एक ऐसा प्रयास जो भविष्य में लाखों युवाओं को आर्थिक ठगी से बचाएगा।

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Arun Sao का संबोधन – बस्तर के विकास पर बड़ा बयान

Arun Sao ने कोया बाना संग्रहालय के लोकार्पण के बाद नगरवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिले को सहेजने और संवारने का काम शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा परस्पर समन्वय के साथ किया जा रहा है।

उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे इन नवनिर्मित संस्थानों का अधिकतम लाभ उठाएं।

Arun Sao ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार की विकासपरक सोच का ही परिणाम है कि बस्तर क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन दिख रहा है।

कार्यक्रम के अंत में Arun Sao और अन्य मंचस्थ अतिथियों ने मासिक पत्रिका ‘नवांकुर’ और ‘हल्बा जनजाति की लोक संस्कृति’ नामक पुस्तिका का विमोचन भी किया।


कांकेर विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के उद्गार

कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री Arun Sao के नेतृत्व में कांकेर जिले को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की इच्छाशक्ति से बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद अब यहाँ सतत विकास देखने को मिल रहा है।

विधायक नेताम ने यह भी कहा कि कोया बाना संग्रहालय युवाओं को उनकी प्राचीन परंपरा और सभ्यता से अवगत कराएगा – जो आदिवासी संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


कार्यक्रम में कौन-कौन रहे उपस्थित?

इन सभी लोकार्पण कार्यक्रमों में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:

जनप्रतिनिधि:

  • श्रीमती शालिनी राजपूत – छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष
  • श्री अरुण कौशिक – नगर पालिका कांकेर अध्यक्ष
  • श्रीमती किरण नरेटी – जिला पंचायत अध्यक्ष
  • श्रीमती तारा ठाकुर – जिला पंचायत उपाध्यक्ष
  • श्रीमती सुमित्रा मारकोले – पूर्व विधायक

अधिकारीगण:

  • श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर – कलेक्टर, कांकेर
  • श्री निखिल राखेचा – पुलिस अधीक्षक
  • श्री हरेश मंडावी – जिला पंचायत सीईओ
  • महेश जैन, दिलीप जायसवाल सहित नगर के पार्षद और नागरिक

उप मुख्यमंत्री Arun Sao का यह कांकेर प्रवास केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था – यह एक ऐसा दिन था जो जिले के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया।

₹11.21 करोड़ के पाँच प्रमुख प्रोजेक्ट – ट्रामा सेंटर, OPD भवन, कोया बाना संग्रहालय, वित्तीय साक्षरता लैब और मावा मोदोल लाइब्रेरी – ये सब मिलकर कांकेर को स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति तीनों मोर्चों पर सशक्त कर रहे हैं।

Arun Sao की यह पहल यह साबित करती है कि बस्तर और उसके आसपास के क्षेत्र अब नक्सलवाद की छाया से निकलकर विकास की रोशनी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

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