CM Grievance Redressal Camp के जरिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान का बड़ा अभियान चलाया। लगभग 40 दिनों तक चले इस विशेष जनसंपर्क कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 30 से अधिक जिलों का दौरा किया और गांव-गांव में चौपाल लगाकर लोगों की शिकायतें सुनीं।
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CM Grievance Redressal Camp में मिले 6.43 लाख आवेदन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के दौरान कुल 6.43 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इनमें करीब 6.17 लाख मांगें और 26,223 औपचारिक शिकायतें शामिल हैं।
विश्लेषण में सामने आया कि लगभग 5.37 लाख आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों से आए। सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग, भूमि विवाद, अतिक्रमण, सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और सरकारी सेवाओं से जुड़ी रहीं।
सरकार का दावा है कि आधे से अधिक मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है और शेष शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।
ग्रामीण विकास और बस्तर मॉडल पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मरवाही सहित कई जिलों में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। लोगों ने बिजली, सड़क, सिंचाई, कॉलेज, सामुदायिक भवन और बैंक जैसी सुविधाओं की मांग रखी।
महिला स्व-सहायता समूहों ने जैविक चावल विष्णुभोग के लिए जीआई टैग दिलाने की मांग भी की।
सरकार का कहना है कि ग्रामीण विकास और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।
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CM Grievance Redressal Camp में सबसे ज्यादा कौन सी शिकायतें आईं?
राजस्व विभाग की शिकायतें सबसे ऊपर
मुख्यमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया कि अधिकांश शिकायतें भूमि रिकॉर्ड अपडेट, नामांतरण और राजस्व मामलों से जुड़ी थीं।
उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं।
आवास और बिजली योजनाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की मांगों के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना और सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में पेयजल और सड़क कनेक्टिविटी पर भी फोकस रहेगा।
1076 हेल्पलाइन से मिलेगा त्वरित समाधान
नई शिकायत प्रणाली की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था के तहत नागरिक 1076 हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
सरकारी जानकारी के अनुसार:
- 55 कर्मचारी शिफ्ट में काम करेंगे।
- करीब 8,000 अधिकारियों को सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
- 42 सरकारी विभाग इस व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
- शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कई मामलों में तुरंत हुई कार्रवाई
सरकार ने दावा किया कि चौपालों के दौरान मिली शिकायतों पर तत्काल कदम भी उठाए गए।
- रायपुर जिले के कोसरंगी गांव में महिलाओं को अगले ही दिन 50 सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गईं।
- कबीरधाम जिले के लोखन गांव में पेयजल संकट को दूर करने के लिए अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए।
- खाद वितरण में कथित अनियमितताओं के मामलों में जांच शुरू हुई और चार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
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विकास कार्यों के लिए कई बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री के इस राज्यव्यापी दौरे के दौरान कई करोड़ रुपये की लागत वाली 30 से अधिक विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई।
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं था, बल्कि विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का प्रयास भी था।
CM Grievance Redressal Camp छत्तीसगढ़ सरकार की एक बड़ी जनसंपर्क और शिकायत निवारण पहल के रूप में सामने आया है। 6.43 लाख से अधिक आवेदन, नई 1076 हेल्पलाइन और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस यह संकेत देते हैं कि सरकार प्रशासनिक सेवाओं को जनता के करीब लाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्राप्त शिकायतों का समाधान कितनी तेजी और प्रभावशीलता से किया जाता है। यदि योजनाओं का सफल क्रियान्वयन होता है, तो CM Grievance Redressal Camp राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मॉडल बन सकता है।
