Durg Collectorate Paving Block परियोजना के तहत दुर्ग कलेक्टरेट परिसर में लगभग ₹50 लाख की लागत से चल रहे पेविंग ब्लॉक निर्माण कार्य का महापौर अलका बाघमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
महापौर ने कहा कि कलेक्टरेट परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिक विभिन्न शासकीय कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर का सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक होना आवश्यक है। पेविंग ब्लॉक निर्माण से नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और परिसर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
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Durg Collectorate Paving Block: ₹50 लाख की लागत से हो रहा निर्माण कार्य
नगर पालिक निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र के अंतर्गत कलेक्टरेट परिसर में लगभग ₹50 लाख की लागत से पेविंग ब्लॉक बिछाने का कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, पार्षद रामचंद्र सेन, युवराज कुंजाम, खिलावन मटियारा, सहायक अभियंता हरिशंकर साहू, उप अभियंता मोहित मरकाम तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर ने निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अधिकारियों को कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश दिए।
Durg Collectorate Paving Block: गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान महापौर अलका बाघमार ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि कलेक्टरेट परिसर आम जनता के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। यहां बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिकता है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
Durg Collectorate Paving Block के साथ विकसित होगी वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था
महापौर ने निरीक्षण के दौरान वर्षा जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पेविंग ब्लॉक निर्माण के साथ-साथ परिसर में वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) की प्रभावी व्यवस्था भी विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक शासकीय परिसर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था विकसित होने से भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संसाधनों के संरक्षण में मदद मिलेगी।
महापौर ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र योजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश भी दिए।
लोक कर्म विभाग ने क्या कहा?
लोक कर्म विभाग के प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर ने बताया कि कलेक्टरेट परिसर में स्वीकृत राशि के अनुसार निर्धारित मानकों का पालन करते हुए पेविंग ब्लॉक निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि महापौर के निर्देशानुसार परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली भी विकसित की जाएगी। विभाग नियमित रूप से निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहा है और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण संरक्षण को भी मिल रही प्राथमिकता
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को भी समान महत्व दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता, दीर्घकालिक उपयोगिता और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को शामिल किया जा रहा है। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
Durg Collectorate Paving Block परियोजना के तहत लगभग ₹50 लाख की लागत से कलेक्टरेट परिसर में आधुनिक पेविंग ब्लॉक निर्माण कार्य तेजी से जारी है। महापौर अलका बाघमार ने गुणवत्ता, समय-सीमा और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ वर्षा जल संचयन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश देकर पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया है। यह परियोजना पूरी होने के बाद कलेक्टरेट परिसर अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण अनुकूल बनेगा।
