Chhattisgarh VIP Security Review: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के बाद अब वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू हो गई है। राज्य में करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में 1,550 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर 40 नेताओं की वीआईपी सुरक्षा हटाने और 50 से अधिक नेताओं की सुरक्षा श्रेणी कम करने के निर्देश दिए हैं।
दैनिक भास्कर की 29 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में नेताओं की सुरक्षा पर तैनात पुलिस बल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के बाद छत्तीसगढ़ देश का दूसरा ऐसा राज्य है, जहां नेताओं की सुरक्षा में सबसे अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराई। इसके बाद कई नेताओं की सुरक्षा में बदलाव करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य जरूरत के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ पुलिस बल का बेहतर उपयोग करना है।
Chhattisgarh VIP Security Review: 40 नेताओं की सुरक्षा हटाई गई
सुरक्षा समीक्षा के बाद प्रदेश के 40 नेताओं की वीआईपी सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इनमें बस्तर क्षेत्र के कुछ सरपंच, मंडल अध्यक्ष और दिवंगत नेताओं के परिजन शामिल हैं।
बताया गया है कि इनमें अधिकांश नेता एक्स (X) सुरक्षा श्रेणी में आते थे। सुरक्षा हटाने का फैसला संबंधित व्यक्तियों की मौजूदा सुरक्षा जरूरतों और खतरे के आकलन के आधार पर लिया गया है।
इसके अलावा 50 से अधिक नेताओं की सुरक्षा श्रेणी भी कम की गई है। इनमें ज्यादातर ऐसे नेता शामिल हैं, जिन्हें पहले जेड (Z) और वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।
इस बदलाव के बाद करीब 200 पुलिस जवान सुरक्षा ड्यूटी से मुक्त होकर पुलिस बल की अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध हो सकेंगे।
अब सिर्फ मुख्यमंत्री और राज्यपाल को मिलेगी Z+ सुरक्षा
सुरक्षा समीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव जेड प्लस (Z+) सुरक्षा को लेकर किया गया है। अब छत्तीसगढ़ में केवल मुख्यमंत्री और राज्यपाल के पास ही जेड प्लस सुरक्षा रहेगी।
इससे पहले प्रदेश में 11 नेताओं को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई थी। समीक्षा के बाद अन्य नेताओं की सुरक्षा श्रेणी घटाकर जेड (Z) कर दी गई है।
इसमें केदार कश्यप, महेश गागड़ा, दीपक बैज और महेंद्र कर्मा के परिवारजनों जैसे नाम शामिल हैं। उनकी सुरक्षा पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है, बल्कि जेड प्लस से घटाकर जेड श्रेणी में कर दी गई है।
सरकार का यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को वास्तविक खतरे के आकलन के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
50 से अधिक नेताओं की सुरक्षा श्रेणी घटाई गई
Chhattisgarh VIP Security Review के तहत कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया है। उदाहरण के तौर पर कांकेर के विधायक को पहले जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे अब वाई प्लस श्रेणी में कर दिया गया है।
इस तरह सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव करते समय केवल सुरक्षा हटाने पर ही नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार सुरक्षा का स्तर निर्धारित करने पर भी ध्यान दिया गया है।
हालांकि, सभी नेताओं की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सांसद महेश कश्यप जैसे नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह बरकरार रखी गई है।
किन नेताओं की सुरक्षा रखी गई बरकरार?
समीक्षा के दौरान जिन नेताओं की सुरक्षा जरूरत के अनुसार उचित पाई गई, उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और सांसद महेश कश्यप की सुरक्षा यथावत रखी गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की समीक्षा का उद्देश्य सभी नेताओं की सुरक्षा समाप्त करना नहीं, बल्कि वास्तविक खतरे के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करना है।
जरूरत पड़ने पर दोबारा मिलेगी सुरक्षा
चीफ इंटेलीजेंस विंग के अमित कुमार ने स्पष्ट किया है कि कुछ नेताओं से सुरक्षा वापस ली गई है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को खतरा महसूस होता है या सुरक्षा से संबंधित कोई गंभीर जानकारी सामने आती है, तो उसकी सुरक्षा बढ़ाई भी जा सकती है।
इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में जाने वाले नेताओं को आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी रहेगी। यानी सुरक्षा हटाने का फैसला स्थायी रूप से सुरक्षा से वंचित करने का निर्णय नहीं है। खतरे की स्थिति बदलने पर सुरक्षा व्यवस्था में दोबारा बदलाव संभव है।
बस्तर में विकास और पर्यटन पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का मानना है कि नक्सलवाद का प्रभाव कम होने के बाद बस्तर में विकास कार्यों को गति देने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, प्रदेश में नक्सलवाद खत्म हो चुका है और अब सुरक्षा व्यवस्था की धीरे-धीरे समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने बस्तर में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन इलाकों में पहले नक्सलियों का डेरा हुआ करता था, वहां अब विकास और पर्यटन गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।
सरकार का ध्यान अब बस्तर में विकास कार्यों को मजबूत करने, प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर है।
Chhattisgarh VIP Security Review: पुलिस बल के बेहतर इस्तेमाल की तैयारी
छत्तीसगढ़ में वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा के बाद 40 नेताओं की सुरक्षा हटाने और 50 से अधिक नेताओं की सुरक्षा श्रेणी घटाने का फैसला प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे लगभग 200 पुलिस जवान अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध होंगे।
राज्य में करीब 400 नेताओं की सुरक्षा में 1,550 पुलिसकर्मियों की तैनाती का मुद्दा सामने आने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। अब आगे भी सुरक्षा की समीक्षा खतरे के आकलन के आधार पर जारी रहेगी। Chhattisgarh VIP Security Review का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पुलिस बल का प्रभावी उपयोग करना है।
