Smriti Irani Chhattisgarh Visit के दौरान भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने के लिए जमीनी जनसंपर्क बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना और लोगों से संवाद करना जरूरी है, लेकिन इसका विकल्प सीधे जनता के बीच जाकर उनसे मिलने से नहीं हो सकता।
दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान स्मृति ईरानी ने पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। उन्होंने गांव-गांव, पारा-टोला और बस्तर से सरगुजा तक लोगों के बीच पहुंचने तथा उनके सुख-दुख में शामिल होने पर जोर दिया।
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Smriti Irani Chhattisgarh Visit में जमीनी संपर्क पर जोर
स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान की दिशा में प्रयास करना संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, लोगों के बीच सादगी से बैठकर बातचीत करने और बिना औपचारिकता के संवाद कायम करने से संगठन के प्रति भरोसा मजबूत होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं को सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए। आगामी समय में जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क और जनसमस्याओं पर सक्रियता जरूरी होगी।
उनके संदेश का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि संगठन की मजबूती केवल डिजिटल प्रचार या बैठकों तक सीमित नहीं रह सकती। कार्यकर्ताओं को क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की जरूरतों और समस्याओं को समझना होगा।
मंत्रियों से नाराजगी के सवाल पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
बैठक के बाद जब मंत्रियों से कार्यकर्ताओं की कथित नाराजगी को लेकर सवाल पूछा गया, तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, “नो कमेंट्स।”
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जिसके पास कोई दायित्व होता है, उससे कुछ शिकायतें होना स्वाभाविक है। वहीं, कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मंत्रियों को अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में दौरे बढ़ाने के लिए कहा गया है।
देवांगन के अनुसार, पहले भी क्षेत्रीय दौरे होते रहे हैं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे मंत्रियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क बेहतर करने तथा क्षेत्रीय समस्याओं को समझने में मदद मिल सकती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी सभी को साथ लेकर चलने, सरकार को मजबूत करने और सत्ता तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर चर्चा होने की बात कही।
भाजपा कार्यालय में सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था में बदलाव
Smriti Irani Chhattisgarh Visit के दौरान भाजपा कार्यालय की व्यवस्था भी चर्चा में रही। जानकारी के अनुसार, रविवार को पार्टी कार्यालय में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर स्मृति ईरानी ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद सोमवार को कार्यालय परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी अपेक्षाकृत कम दिखाई दी।
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में कम दिखाई देने की बात सामने आई। हालांकि, सुरक्षा में बदलाव के संबंध में किसी आधिकारिक विस्तृत आदेश की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
सोमवार की बैठकों में प्रवेश भी सूची में शामिल नेताओं तक सीमित रखा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रियों और विधायकों के वाहनों को मुख्य गेट पर रोकने तथा पैदल प्रवेश की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इन व्यवस्थाओं को पार्टी कार्यालय में अनुशासन और सादगी के संदेश से जोड़कर देखा गया।
किरण देव ने कांग्रेस पर लगाया भ्रामक प्रचार का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने स्मृति ईरानी के दौरे को संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन मिला तथा बैठकों में संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
किरण देव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भ्रामक प्रचार कर रही है और भाजपा की बैठकों को लेकर काल्पनिक कहानियां गढ़ रही है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी की भी आलोचना की।
ये बयान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। संबंधित बयान का पूरा संदर्भ समझने के लिए मूल भाषण और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं को देखना जरूरी है।
दो दिनों में 12 बैठकों से संगठन मजबूत करने की कोशिश
दौरे के दौरान सामने आए विवरण के अनुसार, स्मृति ईरानी ने सरकार और संगठन के विभिन्न वर्गों के साथ 12 बैठकें कीं। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद, संगठनात्मक अनुशासन तथा सरकारी योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
दौरे की प्रमुख बातों में सादगी से कार्यक्रमों में शामिल होना, स्वागत की औपचारिकताओं के बजाय बैठकों पर ध्यान देना और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करना शामिल रहा। इन गतिविधियों को संगठन के भीतर सहजता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा गया।
Smriti Irani Chhattisgarh Visit में भाजपा नेतृत्व का संदेश जमीनी जनसंपर्क, सादगी, अनुशासन और सरकार-संगठन के बेहतर तालमेल पर केंद्रित रहा। अब इन निर्देशों का असर इस बात से आंका जाएगा कि कार्यकर्ता जनता के बीच कितनी सक्रियता से पहुंचते हैं और स्थानीय समस्याओं के समाधान में संगठन कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है।
