Chhattisgarh Red Sky: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल सहित कुछ इलाकों में आसमान का रंग अचानक गहरा लाल दिखाई देने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। आसमान के इस असामान्य नजारे ने लोगों को हैरान कर दिया है। कई लोग इसकी तुलना मंगल ग्रह के आसमान और हॉलीवुड की हॉरर फिल्मों के दृश्यों से कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना को चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, विशेषज्ञों की ओर से अभी तक छत्तीसगढ़ में आसमान लाल होने के वास्तविक कारण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौसम की परिस्थितियों के कारण धूल और मिट्टी के कण वातावरण में फैलने से ऐसा रंग दिखाई देना संभव है, लेकिन इस घटना में भी यही कारण जिम्मेदार था, यह अभी प्रमाणित नहीं है।
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Chhattisgarh Red Sky का चक्रवात अर्नब से क्या संबंध?
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश और यानम के तट पर दस्तक दी थी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में तट से टकराया था।
तट से टकराते समय इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची थी।
इसके बाद तूफान कमजोर होकर आगे बढ़ा और इसका प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचा। मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के आसपास चक्रवात के अवशेष के रूप में अवदाब की स्थिति दर्ज की थी।
इसी दौरान दंतेवाड़ा और किरंदुल के आसमान के लाल दिखाई देने के वीडियो सामने आए। हालांकि, चक्रवात और इस विशेष दृश्य के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
धूल और लाल मिट्टी से बन सकता है ऐसा नजारा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ विशेष परिस्थितियों में तेज हवाएं जमीन की सूखी मिट्टी, रेत और धूल के बड़े कणों को वातावरण में उठा सकती हैं।
यदि इस धूल में आयरन ऑक्साइड यानी लोहे के ऑक्साइड की मात्रा अधिक हो, तो उसका रंग लाल या नारंगी हो सकता है। जब ऐसे कण बड़ी मात्रा में वातावरण में फैलते हैं, तो सूर्य की रोशनी के बिखरने का तरीका बदल जाता है।
इस प्रक्रिया में नीली और हरी रोशनी की तुलना में लाल और नारंगी रंग अधिक प्रभावी दिखाई दे सकते हैं। परिणामस्वरूप आसपास का वातावरण और आसमान लाल रंग का नजर आने लगता है।
हालांकि, छत्तीसगढ़ में वायरल वीडियो के मामले में इस वैज्ञानिक व्याख्या को संभावित कारण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया में भी दिखा था Chhattisgarh Red Sky जैसा नजारा
मार्च 2026 में ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी हिस्से में भी चक्रवात नरेल (Cyclone Narelle) के दौरान ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला था।
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के शार्क बे और डेनहम इलाके में आसमान गहरे लाल रंग का दिखाई दिया था। वहां के मौसम विशेषज्ञों ने इसकी वजह तेज हवाओं से वातावरण में फैली आयरन युक्त लाल मिट्टी और धूल को बताया था।
CQUniversity के पर्यावरण भूगोल विशेषज्ञ प्रोफेसर स्टीव टर्टन के अनुसार, तेज हवाएं, सूखी जमीन, लाल मिट्टी और वातावरण में धूल की अधिक मात्रा मिलकर ऐसा दृश्य पैदा कर सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया की इस घटना ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब छत्तीसगढ़ में सामने आए वीडियो की तुलना भी उसी घटना से की जा रही है।
सोशल मीडिया पर Stranger Things से की जा रही तुलना
किरंदुल में आसमान लाल दिखाई देने के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं।
कुछ लोगों ने इसकी तुलना लोकप्रिय नेटफ्लिक्स सीरीज ‘Stranger Things’ के काल्पनिक संसार से की। एक यूजर ने इसे ‘Upside Down’ जैसा दृश्य बताया, जबकि दूसरे ने लिखा कि ‘Vecna is coming’।
कुछ यूजर्स ने इसकी तुलना हॉरर फिल्म ‘Evil Dead’ के दृश्यों से भी की। वहीं, कई लोगों ने इस नजारे को डरावना बताते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी।
वीडियो की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बीच यह जरूरी है कि लोग बिना पुष्टि के किसी एक कारण को घटना की वजह न मानें।
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चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही
चक्रवात अर्नब का सबसे गंभीर प्रभाव आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिला। 28 अक्टूबर को तट से टकराने के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश ने कई क्षेत्रों को प्रभावित किया।
कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा।
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और अन्य प्रभावित राज्यों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की गई थीं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई थी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तट से टकराने के बाद चक्रवात लगातार कमजोर हुआ। इसके अवशेषों का प्रभाव आसपास के राज्यों में भी मौसम की गतिविधियों के रूप में देखा गया।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
आसमान का रंग असामान्य दिखाई देने पर लोगों को घबराने के बजाय मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
विशेष रूप से दंतेवाड़ा और बस्तर संभाग के लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
Chhattisgarh Red Sky: वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की उत्सुकता
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और किरंदुल में आसमान का लाल दिखाई देना एक असामान्य और आकर्षक दृश्य है। दुनिया के दूसरे हिस्सों में चक्रवात के दौरान धूल और आयरन युक्त मिट्टी के कारण ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
लेकिन छत्तीसगढ़ के मामले में अभी वास्तविक कारण की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इसलिए इसे सीधे चक्रवात अर्नब का प्रभाव बताना जल्दबाजी होगी। Chhattisgarh Red Sky से जुड़े वायरल वीडियो के बीच वैज्ञानिक तथ्यों और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी को ही प्राथमिकता देना जरूरी है।
