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Chhattisgarh EOW ACB Transfer: 12 पुलिसकर्मी वापस

Chhattisgarh EOW ACB Transfer को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज हो गई है। राज्य शासन ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं उनके मूल विभाग यानी गृह विभाग को वापस कर दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी दो अलग-अलग आदेशों के मुताबिक यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

इस प्रशासनिक बदलाव में निरीक्षक स्तर के सात अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा एक उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक और तीन आरक्षकों की सेवाएं भी वापस की गई हैं। हालांकि, आदेशों में प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की कोई विशेष वजह नहीं बताई गई है।

Chhattisgarh EOW ACB Transfer में सात इंस्पेक्टर शामिल

जारी जानकारी के अनुसार, EOW और ACB में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे कुल 12 पुलिसकर्मियों की सेवाएं वापस की गई हैं। इनमें सात निरीक्षक शामिल हैं। पहले आदेश में पांच निरीक्षकों के नाम दर्ज हैं, जबकि दूसरे आदेश में दो निरीक्षकों की सेवाएं वापस लेने का उल्लेख है।

पहले आदेश के तहत निरीक्षक वीरेंद्र चंद्रा, शरद चंद्रा, बृजेश कुशवाहा, संतराम सोनी और उमेंद्र टंडन की सेवाएं गृह विभाग को लौटाई गई हैं।

दूसरे आदेश में निरीक्षक पौरुष पुर्रे और सौरभ द्विवेदी के नाम शामिल हैं। इस तरह निरीक्षक स्तर के सात अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है।

उपनिरीक्षक, ASI और आरक्षक भी सूची में

Chhattisgarh EOW ACB Transfer का असर केवल निरीक्षक स्तर तक सीमित नहीं है। आदेश में अन्य पुलिसकर्मियों की सेवाएं भी मूल विभाग को वापस करने का निर्देश दिया गया है।

इनमें उपनिरीक्षक जितेंद्र नंदे और सहायक उपनिरीक्षक निर्भय लाल ध्रुव शामिल हैं। इनके साथ तीन आरक्षकों की सेवाएं भी वापस की गई हैं। आरक्षकों में अभिषेक कुमार, रितेश दीवान और सोहन ध्रुव के नाम बताए गए हैं।

इस प्रकार पूरी सूची में सात निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, एक सहायक उपनिरीक्षक और तीन आरक्षक शामिल हैं। सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी EOW-ACB में प्रतिनियुक्ति के आधार पर सेवाएं दे रहे थे।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए दो आदेश

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में दो अलग-अलग आदेश जारी किए थे। दोनों आदेशों में संबंधित पुलिसकर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से गृह विभाग को वापस करने का उल्लेख है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि उपलब्ध आदेशों में किसी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई, जांच में लापरवाही या किसी विशेष मामले से जुड़ी वजह का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए इस प्रशासनिक फैसले को किसी जांच या आरोप से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।

EOW-ACB की जांच और चालान प्रक्रिया पर क्या होगा असर?

छत्तीसगढ़ में EOW और ACB आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच करने वाली महत्वपूर्ण एजेंसियां हैं। इन एजेंसियों में कई संवेदनशील और चर्चित मामलों की विवेचना चलती रहती है।

ऐसे में एक साथ 12 अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद जांच एजेंसियों के मौजूदा कार्यबल और जिम्मेदारियों के पुनर्गठन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ मामलों में जांच और चालान पेश करने की प्रक्रिया जारी होने की खबरों के बीच यह बदलाव चर्चा का विषय बना है।

हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि इस फैसले के कारण किसी विशेष मामले की जांच या अदालत में चालान पेश करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इसका वास्तविक असर आगे की प्रशासनिक व्यवस्था और नए अधिकारियों की तैनाती पर निर्भर करेगा।

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नई पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

Chhattisgarh EOW ACB Transfer के बाद अब यह सवाल है कि इन 12 पुलिसकर्मियों को गृह विभाग में आगे कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, EOW और ACB में खाली होने वाली जिम्मेदारियों को नए अधिकारियों से भरा जाएगा या मौजूदा कर्मचारियों के माध्यम से काम आगे बढ़ाया जाएगा, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

अभी तक नई पदस्थापना को लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। संबंधित विभाग के आगामी आदेशों से ही यह स्पष्ट होगा कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों को कहां तैनात किया जाएगा और जांच एजेंसियों में आगे की व्यवस्था किस तरह संचालित होगी।

प्रशासनिक बदलाव पर टिकी निगाहें

छत्तीसगढ़ शासन का यह फैसला EOW और ACB की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव है। कुल 12 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उनकी सेवाएं गृह विभाग को वापस की गई हैं। इनमें सात निरीक्षक भी शामिल हैं।

फिलहाल आदेश में इस फैसले की वजह या जांच पर संभावित प्रभाव को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए आगे की स्थिति नई पदस्थापनाओं और विभागीय निर्देशों से ही साफ होगी। Chhattisgarh EOW ACB Transfer के बाद अब पुलिस महकमे और जांच एजेंसियों की अगली प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

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