Skip to main content

4thnation

Chhattisgarh Mineral Exploration को बड़ी गति

Chhattisgarh Mineral Exploration के क्षेत्र में राज्य को बड़ी उपलब्धि मिली है। रायपुर में राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड यानी SGPB की 26वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खनिज खोज कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में राज्य की 45 नई और जारी अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है।

बैठक की अध्यक्षता खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने की। पुराना सर्किट हाउस, रायपुर में आयोजित बैठक में विशेष सचिव एवं संचालक भौमिकी-खनिकर्म रजत बंसल, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी GSI के उप महानिदेशक अमित धरवाड़कर समेत केंद्रीय, राज्य एजेंसियों और निजी उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए।

यह भी पढ़ें: Sonmani Bora Appointment: नगरीय प्रशासन विभाग की कमान

45 अन्वेषण परियोजनाओं पर मुहर

SGPB की बैठक में कुल 45 नई और जारी परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। इनमें 35 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड यानी गहरे स्तर पर मौजूद खनिज ब्लॉक और 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं।

यह फैसला छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों की खोज को और विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर ऐसे खनिजों की खोज पर जोर दिया जा रहा है, जो उद्योग और भविष्य की रणनीतिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Chhattisgarh Mineral Exploration में GSI की अहम भूमिका

नई परियोजनाओं में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। कुल 45 परियोजनाओं में से 25 अन्वेषण परियोजनाओं का संचालन GSI की रायपुर इकाई द्वारा किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ में 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधनों की पहचान एवं स्थापना की गई। विभाग ने इसे खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

वहीं 2025-26 की चार अन्वेषण परियोजनाएं चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी। इसके अलावा संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म ने 2026-27 के लिए 11 अन्वेषण प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया है।

Chhattisgarh Mineral Exploration में इन खनिजों पर जोर

इन 11 प्रस्तावों में 1 ग्रेफाइट, 2 चूना पत्थर, 4 लौह अयस्क, 2 ग्लॉकोनाइट, 1 आरईई एवं रेयर मेटल्स तथा 1 बॉक्साइट एवं एल्युमिनस लेटराइट से संबंधित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉक शामिल हैं।

इससे साफ है कि राज्य अब पारंपरिक खनिजों के साथ-साथ रणनीतिक और दुर्लभ खनिजों की खोज को भी प्राथमिकता दे रहा है।

रणनीतिक और दुर्लभ खनिजों पर फोकस

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में लिथियम, ग्रेफाइट, टिन-टैंटलम-नियोबियम, REE एवं रेयर मेटल्स, ग्लॉकोनाइट और बॉक्साइट जैसे खनिजों को शामिल किया गया है।

बैठक में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में खनिज अन्वेषण गतिविधियों को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही गहराई में मौजूद खनिजों का सटीक आकलन करने के लिए आधुनिक और उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल की आवश्यकता बताई गई।

रणनीतिक खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए इन परियोजनाओं से राज्य के खनिज संसाधन आधार को मजबूत करने की उम्मीद है।

भारत सरकार के खान मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देश में खनन और खनिज क्षेत्र से संबंधित नीतियों एवं आधिकारिक जानकारी उपलब्ध है। खान मंत्रालय, भारत सरकार

16,738 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व

बैठक में राज्य के खनन क्षेत्र से प्राप्त राजस्व की जानकारी भी साझा की गई। सचिव पी. दयानंद के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनन रॉयल्टी एवं अन्य राजस्व से लगभग 16,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत एनपीईए की 9 अन्वेषण परियोजनाएं भी चालू वित्तीय वर्ष में जारी रहेंगी। इससे महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज को लगातार गति मिलने की उम्मीद है।

विशेष सचिव रजत बंसल ने बताया कि 2025-26 के दौरान संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म ने 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर और 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधन स्थापित किए।

पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र सौंपे

SGPB बैठक के दौरान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ओर से छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र खनिज साधन विभाग को सौंपे गए।

बैठक में खनिज खोज की संभावनाओं को बढ़ाने और केंद्रीय तथा राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर चर्चा हुई। साथ ही खनिज आधारित उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया गया।

बैठक में GSI, भारतीय खान ब्यूरो, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, NMDC, CMPDI, MOIL, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन समेत कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।

निजी क्षेत्र से जिंदल स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, मां कुदरगढ़ी स्टील, डेक्कन गोल्ड और माइकी साउथ माइनिंग समेत अन्य प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों और राज्य की औद्योगिक नीतियों की आधिकारिक जानकारी छत्तीसगढ़ सरकार पर उपलब्ध है।

Chhattisgarh Mineral Exploration को 45 परियोजनाओं की मंजूरी से नई गति मिलने की उम्मीद है। रणनीतिक और दुर्लभ खनिजों, डीप-सीटेड ब्लॉक और दक्षिण बस्तर में अन्वेषण पर बढ़ता जोर राज्य के खनिज क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। चूना पत्थर और लौह अयस्क संसाधनों की पहचान के साथ रिकॉर्ड खनन राजस्व भी राज्य की मजबूत खनिज अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से नए संसाधनों की खोज और खनिज आधारित उद्योगों को और मजबूती मिलने की संभावना है।

4thnation WhatsApp Channel से जुड़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *