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कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला: गरीबों को चना वितरण और नवा रायपुर में आईटी उद्योग को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर, 19 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐसे फैसले लिए गए जो सीधे गरीबों और युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं।

बैठक में तय हुआ कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र और माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को अब हर महीने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला 2 किलो चना, नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म से खरीदा जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदी की प्रक्रिया तेज़ व सस्ती होगी क्योंकि यह वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर होगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन गरीब परिवारों ने अपना चना नहीं लिया है, उन्हें उनकी पात्रतानुसार दिसंबर 2025 तक पूरा चना उपलब्ध करा दिया जाएगा। यानी इस बार कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा। यह फैसला गरीबों की रसोई में राहत लेकर आएगा।


📌 आईटी उद्योग को बढ़ावा: नवा रायपुर को नई पहचान

बैठक का एक और बड़ा निर्णय नवा रायपुर से जुड़ा रहा। यहां 90 एकड़ भूमि को रियायती प्रीमियम दर पर आईटी/आईटीईएस उद्योग के लिए आबंटित करने का फैसला लिया गया है।
इस कदम का मकसद निजी निवेश को आकर्षित करना, युवाओं को रोजगार देना और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला नवा रायपुर को केवल एक प्रशासनिक राजधानी ही नहीं, बल्कि तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने में मदद करेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बुनियादी ढांचा विकसित होगा और नवा रायपुर की बसाहट व शहरीकरण की प्रक्रिया तेज़ होगी।


🗣️ मानव स्पर्श

बैठक के इन निर्णयों से एक ओर जहां गरीब परिवारों की थाली में पोषण सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार और करियर के नए अवसर मिलेंगे। सरकार का दावा है कि यह संतुलित दृष्टिकोण राज्य को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय, दोनों की दिशा में आगे बढ़ाएगा।