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Bhoramdeo Temple: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना की

Bhoramdeo Temple में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि, प्रगति और जनकल्याण की कामना की। विश्व प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर में उन्होंने विधि-विधान से दर्शन किए, मंदिर की परिक्रमा की और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया।

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Bhoramdeo Temple में मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने Bhoramdeo Temple में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पारंपरिक पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की परिक्रमा भी की और कहा कि भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पूरे छत्तीसगढ़ को निरंतर विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ाए।


Bhoramdeo Temple में महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम महाअनुष्ठान में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम महाअनुष्ठान में भी सहभागिता की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने राज्य की उन्नति, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की कामना करते हुए धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

यह पांच दिवसीय महाअनुष्ठान 25 जुलाई से श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कबीरधाम जिले और पूरे छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना करना है।

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मुख्यमंत्री बोले- Bhoramdeo Temple छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि Bhoramdeo Temple छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भव्य वैदिक अनुष्ठान भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं।


श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम में कांवड़ यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत करते रहे हैं।

उन्होंने कांवड़ यात्रा को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत स्वरूप बताते हुए घोषणा की कि इस वर्ष भी वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा से स्वागत करेंगे।


महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम महाअनुष्ठान की विशेषता

श्री महादिव्य देशम फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुरूप मंदिरों के शुद्धिकरण एवं पुनः ऊर्जावान बनाने की प्रक्रिया पर आधारित है।

उन्होंने बताया कि संपूर्ण अनुष्ठान भगवान परशुराम स्रोतम् और आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है।


जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की रही उपस्थिति

इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक विद्वान तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


Bhoramdeo Temple का धार्मिक और पर्यटन महत्व

कबीरधाम जिले में स्थित Bhoramdeo Temple को अक्सर “छत्तीसगढ़ का खजुराहो” कहा जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर अपनी अद्भुत नागर शैली की वास्तुकला, उत्कृष्ट शिल्पकला और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

श्रावण मास, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।


Bhoramdeo Temple में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पूजा-अर्चना और महाचतुर शुद्धि सहस्र कलशम महाअनुष्ठान में सहभागिता ने प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि, सामाजिक समरसता और निरंतर विकास की कामना की। आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान भी Bhoramdeo Temple एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।

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