Bastar Development Review: अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, मुख्यमंत्री साय का अधिकारियों को निर्देश

Bastar Development Review के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े।

बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सीसीएफ श्री आलोक कुमार तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


Bastar Development Review में मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उनके माध्यम से लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। प्रत्येक पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


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Bastar Development Review में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

बस्तर मुन्ने और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने “बस्तर मुन्ने अभियान” और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” की समीक्षा करते हुए कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का अधिकतम समाधान किया जाए। जरूरत पड़ने पर दो से तीन दिनों तक लगातार शिविर आयोजित कर नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि नागरिकों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा और उपचार की गुणवत्ता से किया जाना चाहिए।


लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि:

  • नामांतरण
  • सीमांकन
  • बंटवारा
  • अभिलेख सुधार

जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों से जुड़े होते हैं।

उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण, पुनर्वासित परिवारों को योजनाओं का लाभ और अन्य राज्यों में निवास कर रहे बस्तर मूल के परिवारों के पुनर्स्थापन पर भी चर्चा हुई।


महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” का लाभ

ग्रामीण आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई ताकत

मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों के साथ झींगा पालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर जोर दिया।

उन्होंने शबरी नदी क्षेत्र के तालाबों को विकसित कर झींगा पालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय बाजारों से जोड़ने की बात कही।

उन्होंने कहा कि महिला समूह केवल आर्थिक इकाइयां नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला हैं।


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Bastar Development Review में पर्यटन और कृषि को नई दिशा

बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:

  • वॉटर स्पोर्ट्स
  • एडवेंचर स्पोर्ट्स
  • जंगल सफारी

जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए ताकि स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।


मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है।

इसके माध्यम से:

  • नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
  • शिकायतों की उच्चस्तरीय निगरानी होगी।
  • अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
  • समयबद्ध समाधान सुनिश्चित होगा।

उन्होंने कहा कि सुशासन की पहचान संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन से होती है।


शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और नए कानूनों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कई योजनाओं की समीक्षा की।

आयुष्मान भारत पर विशेष निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल आयुष्मान कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है। पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

शिक्षा में एआई तकनीक का उपयोग

शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना करते हुए नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानून

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण, जनजागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।


ईंधन को लेकर अफवाहों पर सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नागरिकों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।


Bastar Development Review बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण, राजस्व मामलों और शिकायत निवारण पर दिए गए निर्देश बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा तय करेंगे। यदि इन निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो Bastar Development Review के तहत लिए गए फैसले बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास और सुशासन की नई मिसाल बन सकते हैं।

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