Delhi Protest Viral Image सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में कुछ लोग सिविल ड्रेस, हेलमेट और पुलिस जैसी सुरक्षा सामग्री के साथ दिखाई दे रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि ये लोग हालिया दिल्ली प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ तैनात थे। वहीं कुछ पोस्ट में इन्हें राजनीतिक संगठनों से जुड़ा बताया गया। हालांकि उपलब्ध तथ्यों और पुराने रिकॉर्ड की जांच से पता चलता है कि यह दावा भ्रामक है और तस्वीर हालिया प्रदर्शन की नहीं है।
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Delhi Protest Viral Image को लेकर सोशल मीडिया पर क्या दावा किया गया?
हाल के विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई, जिसमें कुछ लोग जींस, स्वेटशर्ट और हेलमेट पहनकर पुलिस जैसी लाठियां लिए दिखाई दे रहे हैं।
वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि दिल्ली पुलिस किसानों या प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सिविल ड्रेस में अपने जवानों को तैनात कर रही है। कुछ पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि ये लोग किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े कार्यकर्ता हैं।
हालांकि, इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया।
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Delhi Protest Viral Image का फैक्ट चेक
रिवर्स इमेज सर्च और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह तस्वीर हालिया विरोध प्रदर्शन की नहीं है।
यह फोटो 15 दिसंबर 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद की है। तस्वीर को दिसंबर 2019 में कई मीडिया संस्थानों ने भी प्रकाशित किया था।
इसलिए इसे मौजूदा प्रदर्शन या किसानों के आंदोलन से जोड़कर साझा करना भ्रामक है।
सिविल ड्रेस में दिखे लोग कौन हैं?
दिल्ली पुलिस के तत्कालीन जनसंपर्क अधिकारी (PRO) और तत्कालीन डीसीपी (सेंट्रल) एम.एस. रंधावा ने पहले स्पष्ट किया था कि तस्वीर में दिखाई देने वाले लोग Anti-Auto Theft Squad (AATS) के सदस्य हैं।
AATS दिल्ली पुलिस की एक विशेष इकाई है, जिसके कई कर्मचारी अपने कार्य की प्रकृति के कारण सिविल ड्रेस (Plain Clothes) में तैनात रहते हैं। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भीड़ नियंत्रण जैसी ड्यूटी पर भी लगाया जा सकता है।
तत्कालीन पुलिस अधिकारी के अनुसार तस्वीर में लाल स्वेटशर्ट पहने व्यक्ति अरविंद नामक कांस्टेबल थे, जो AATS में तैनात थे।
Delhi Protest Viral Image और हालिया प्रदर्शन का क्या संबंध है?
हाल के प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर यह पुरानी तस्वीर दोबारा वायरल होने लगी, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
अब तक उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड और पहले दिए गए पुलिस स्पष्टीकरण के अनुसार इस तस्वीर का हालिया दिल्ली प्रदर्शन या किसानों के आंदोलन से कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
हालांकि, हालिया विरोध प्रदर्शनों में कुछ लोगों के सिविल ड्रेस में पुलिस जैसी लाठियां लिए दिखाई देने के संबंध में सोशल मीडिया पर नए सवाल भी उठे हैं। इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण अभी तक सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है। इसलिए इन नए वीडियो और तस्वीरों को 2019 की वायरल फोटो के साथ जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
फैक्ट चेक में क्या सामने आया?
उपलब्ध तथ्यों के आधार पर—
- वायरल तस्वीर वर्ष 2019 की है।
- यह CAA विरोध प्रदर्शन के दौरान ली गई थी।
- तस्वीर में दिख रहे लोग दिल्ली पुलिस की Anti-Auto Theft Squad (AATS) के सदस्य बताए गए थे।
- फोटो का हालिया प्रदर्शन से कोई प्रमाणित संबंध नहीं है।
- सोशल मीडिया पर किए गए कई दावे भ्रामक पाए गए।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को कैसे परखें?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी वायरल तस्वीर या वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत की जांच करें।
- आधिकारिक एजेंसियों की जानकारी देखें।
- विश्वसनीय समाचार संस्थानों की रिपोर्ट पढ़ें।
- रिवर्स इमेज सर्च जैसे माध्यमों से तस्वीर की वास्तविक तारीख और संदर्भ की पुष्टि करें।
- बिना सत्यापन के किसी भी दावे को साझा करने से बचें।
Delhi Protest Viral Image से जुड़ी वायरल तस्वीर का हालिया प्रदर्शन से संबंध साबित नहीं हुआ है। उपलब्ध रिकॉर्ड, मीडिया रिपोर्टों और दिल्ली पुलिस के पूर्व आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार यह फोटो वर्ष 2019 की है और इसमें दिखाई देने वाले लोग Anti-Auto Theft Squad (AATS) के सदस्य थे। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर भरोसा करने से पहले तथ्यों की जांच करना बेहद जरूरी है।
