Kangana Ranaut Protest Remarks सोमवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान चर्चा का विषय बन गए। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने जंतर-मंतर के पास चल रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी निर्वाचित सरकार पर प्रदर्शन के जरिए दबाव बनाकर यह तय नहीं किया जा सकता कि सरकार किसे पद पर रखे या हटाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी को राजनीतिक बदलाव चाहिए तो जनता का जनादेश लेकर चुनाव लड़ना चाहिए।
👉 4thNation WhatsApp चैनल से जुड़ें: https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j
Kangana Ranaut Protest Remarks: संसद ही बहस का सही मंच
संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कंगना रनौत ने कहा कि संसद का मानसून सत्र जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और सरकार से जवाब मांगने के लिए आयोजित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे संसद के भीतर मुद्दे उठाएं। सार्वजनिक नीतियों और सरकारी फैसलों पर बहस का उचित मंच संसद है, न कि ऐसा प्रदर्शन जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो।
‘सरकार को आर्म-ट्विस्ट नहीं किया जा सकता’
Kangana Ranaut Protest Remarks के दौरान उन्होंने कहा कि देश की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकार चुनी है और सरकार को शासन चलाने का अधिकार मिला है।
कंगना ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन को सरकार की नीतियों से असहमति है और वह बदलाव चाहता है, तो उसे लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर जनादेश हासिल करना चाहिए। उनके अनुसार, प्रदर्शन के जरिए सरकार पर यह दबाव बनाना कि किस मंत्री को हटाया जाए या किसे पद पर रखा जाए, उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि हंगामा और व्यवधान पैदा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं माना जा सकता।
यह भी पढ़ें: Delhi Protest Viral Image: सिविल ड्रेस में डंडा लिए लोगों की तस्वीर वायरल, जानिए क्या है पूरा सच
प्रदर्शन क्यों हो रहा है?
राजधानी दिल्ली में संसद के निकट चल रहे इस आंदोलन का नेतृत्व Cockroach Janta Party (CJP) नामक युवा संगठन कर रहा है।
प्रदर्शनकारी कथित परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दावों में अंतर
प्रदर्शन के दौरान जब कुछ लोग संसद की ओर बढ़े, तब मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
CJP ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया और कहा कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया।
बाद में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों का कहना था कि संसद की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई थी और बिना अनुमति जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
Kangana Ranaut Protest Remarks के बीच सोनम वांगचुक का अनशन
आंदोलन से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपना भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने घोषणा की कि वह सफदरजंग अस्पताल से अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखेंगे। उनका अभियान लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग से जुड़ा है।
बॉलीवुड की कई हस्तियों ने किया समर्थन
सोनम वांगचुक के अभियान को फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिला है।
अभिनेता प्रकाश राज ने सरकार से संवाद की अपील की है। वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी, गीतकार जावेद अख्तर, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, निर्देशक ओनिर, अभिनेता ओमी वैद्य, गायक विशाल ददलानी और अभिनेत्री दिया मिर्जा ने भी अलग-अलग माध्यमों से आंदोलन के प्रति समर्थन और शांतिपूर्ण संवाद की वकालत की है।
Kangana Ranaut Protest Remarks ने संसद के बाहर चल रहे प्रदर्शन और लोकतांत्रिक विरोध की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं, वहीं कंगना रनौत का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद ही नीति और जवाबदेही पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है। इस मुद्दे पर आगे सरकार, विपक्ष और आंदोलनकारियों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी।
