International Day of Yoga 2026 के अवसर पर रविवार, 21 जून को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड से देशव्यापी योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया। सुबह के समय हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
इस वर्ष आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में देश और विदेश से लाखों लोगों ने प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कोलकाता का ऐतिहासिक रेड रोड रहा, जिसका संबंध केवल आधुनिक आयोजनों से ही नहीं बल्कि भारत के औपनिवेशिक और युद्धकालीन इतिहास से भी जुड़ा है।
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International Day of Yoga 2026 की खास झलक
International Day of Yoga 2026 का राष्ट्रीय कार्यक्रम सुबह 5 बजे शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों योग साधकों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।
इस वर्ष योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और सम्मानजनक जीवन के लिए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।
योग दिवस के अवसर पर देशभर में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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रेड रोड का ऐतिहासिक महत्व
कोलकाता का रेड रोड, जिसे आधिकारिक रूप से इंदिरा गांधी सरणी कहा जाता है, शहर के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मार्गों में से एक है।
यह चौड़ी सड़क कोलकाता मैदान (मaidan) के बीच से गुजरती है और Eden Gardens को Fort William के पश्चिमी द्वार से जोड़ती है।
इतिहासकारों के अनुसार इस सड़क का निर्माण लगभग 1820 के आसपास किया गया था। इसका मूल नाम “सेक्रेटरीज़ वॉक” था और इसे तत्कालीन गवर्नर जनरल के सचिव के आवागमन के लिए विकसित किया गया था।
ब्रिटिश अधिकारियों के लिए था प्रमुख मार्ग
उस समय यह मार्ग ब्रिटिश प्रशासनिक अधिकारियों को शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से बचाने का काम करता था।
यह सड़क राजभवन और शहर के दक्षिणी हिस्सों के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन गई थी।
रेड रोड नाम कैसे पड़ा?
लाल ईंटों से जुड़ा है नाम
इतिहास से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार सड़क निर्माण के दौरान इस मार्ग पर लाल रंग की ईंटों के टुकड़े बिछाए गए थे।
स्थानीय लोगों ने इसी कारण इसे “रेड रोड” कहना शुरू कर दिया और समय के साथ यही नाम लोकप्रिय हो गया।
कुछ ऐतिहासिक पुस्तकों में इस सड़क का उल्लेख “लेडीज़ माइल” के नाम से भी मिलता है, क्योंकि ब्रिटिश काल में यूरोपीय महिलाएं यहां सुबह और शाम टहलने आती थीं।
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द्वितीय विश्व युद्ध में रेड रोड की भूमिका
युद्ध के दौरान बना अस्थायी एयरस्ट्रिप
International Day of Yoga 2026 का आयोजन जिस रेड रोड पर हुआ, वही सड़क कभी द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अस्थायी हवाई पट्टी के रूप में इस्तेमाल की गई थी।
1941 से 1945 के बीच जापानी हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए ब्रिटिश सेना ने इस सड़क को आपातकालीन एयरस्ट्रिप में बदल दिया था।
युद्धकाल के दौरान लड़ाकू विमान यहां से उड़ान भरते और उतरते थे। इससे सैन्य बलों को त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती थी।
ट्राम लाइनें भी बदली गई थीं
इतिहासकारों के अनुसार एयरस्ट्रिप तैयार करने के लिए आसपास की ट्राम लाइनों का मार्ग भी बदला गया था।
हालांकि सड़क की चौड़ाई और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण संचालन आसान नहीं था, फिर भी रेड रोड ने युद्धकाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इतिहास और समारोहों का केंद्र बना रेड रोड
कई ऐतिहासिक आयोजनों का गवाह
रेड रोड लंबे समय से कोलकाता के सबसे बड़े सार्वजनिक समारोहों का केंद्र रहा है।
1911 में ब्रिटिश सम्राट George V और Queen Mary के स्वागत में यहां भव्य परेड आयोजित की गई थी।
आज भी हर वर्ष 26 जनवरी को पश्चिम बंगाल का गणतंत्र दिवस परेड इसी मार्ग पर आयोजित किया जाता है।
1985 में इस सड़क का आधिकारिक नाम इंदिरा गांधी सरणी रखा गया, लेकिन अधिकांश कोलकाता निवासी आज भी इसे रेड रोड के नाम से जानते हैं।
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International Day of Yoga 2026 की थीम क्या है?
इस वर्ष International Day of Yoga 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रखी गई है।
इस थीम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि जीवनभर स्वस्थ रहने का माध्यम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास बढ़ती उम्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
International Day of Yoga 2026 केवल योग का उत्सव नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी बना। कोलकाता का रेड रोड, जिसने औपनिवेशिक दौर, द्वितीय विश्व युद्ध और अनेक ऐतिहासिक आयोजनों को देखा है, इस बार योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का केंद्र बना। International Day of Yoga 2026 के माध्यम से योग, स्वास्थ्य और इतिहास का अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने लाखों लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
