Japan Earthquake ने मंगलवार को जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू (Kyushu) स्थित कुमामोटो प्रांत (Kumamoto Prefecture) में भारी तबाही मचा दी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। कई इमारतें ढह गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और हजारों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है। प्रशासन ने लोगों को संभावित तेज आफ्टरशॉक (Aftershocks) के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।
Japan Earthquake: कब और कहां आया भूकंप?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप मंगलवार शाम स्थानीय समयानुसार करीब 4:30 बजे आया। शुरुआत में इसकी तीव्रता 7.1 बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 6.8 कर दिया गया।
भूकंप का केंद्र (Epicentre) उतो (Uto) शहर के पास था, जो कुमामोटो शहर से लगभग 48 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
कुमामोटो जापान के चार प्रमुख द्वीपों में से एक क्यूशू द्वीप पर स्थित है और इसकी आबादी लगभग 7 लाख है।
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कुमामोटो में इमारतें गिरीं, सड़कें टूटीं और आग लगी
Japan Earthquake के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ पूरी तरह ढह गईं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार—
- कुमामोटो शहर में कई स्थानों पर आग लग गई।
- एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा गिरने से लोग अंदर फंस गए।
- हजारों घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
- कई प्रमुख सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए।
- क्यूशू एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में बड़ी दरारें पड़ गईं।
- ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल की दीवार का एक हिस्सा भी ढह गया।
प्रशासन अब भी इमारतों, पुलों और अन्य सार्वजनिक ढांचों के नुकसान का आकलन कर रहा है।
Japan Earthquake के बाद सुनामी अलर्ट जारी, फिर वापस लिया गया
भूकंप के तुरंत बाद जापान की मौसम एजेंसी ने सुनामी सलाह (Tsunami Advisory) जारी की थी।
हालांकि बाद में खतरा कम होने पर इस अलर्ट को वापस ले लिया गया। इसके बावजूद अधिकारियों ने लोगों से समुद्री तटों और क्षतिग्रस्त इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।
आफ्टरशॉक का खतरा अभी भी बरकरार
भूकंप के कुछ घंटों बाद बुधवार तड़के 4.1 तीव्रता का एक आफ्टरशॉक भी दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक और भी झटके महसूस किए जा सकते हैं। इसी कारण राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।
परमाणु संयंत्र सुरक्षित, अधिकारियों ने दी जानकारी
Japan Earthquake के बाद कागोशिमा प्रांत में स्थित सेंदाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Sendai Nuclear Power Plant) की भी जांच की गई।
अधिकारियों के अनुसार, दो रिएक्टर वाले इस परमाणु संयंत्र में किसी प्रकार की असामान्यता या क्षति नहीं पाई गई है। संयंत्र सामान्य रूप से सुरक्षित स्थिति में है।
राहत एवं बचाव अभियान जारी
स्थानीय प्रशासन, दमकल विभाग और आपदा राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं।
बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। सरकार ने लोगों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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Japan Earthquake ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जापान जैसे भूकंप-प्रवण देश में प्राकृतिक आपदाएं कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। कुमामोटो में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और राहत कार्य अभी भी जारी है। हालांकि सुनामी का खतरा टल चुका है, लेकिन प्रशासन ने संभावित आफ्टरशॉक को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में नुकसान का पूरा आकलन और राहत कार्य की प्रगति पर सभी की नजर रहेगी।
